राजेंद्र और संदीप के साये में हो रहा नशे का व्यापार  

  (शंभु यादव।9826550631)
जयसिंहनगर/सीधी।  संयुक्त थानांतर्गत में  इन दिनों अधिकांश युवा पूरी  तरह से नशे की चपेट में आ गए है। पहले से ही प्रतिबंधित दवाइयां बिना किसी डॉक्टरी सलाह के धड़ल्ले से बिक्री होने की शिकायत मिलती रही है। इसकी रोकथाम के लिए विभाग की तरफ से जांच अभियान भी चलाया गया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। जबकि स्वास्थ्य विभाग का सख्त निर्देश है कि बिना चिकित्सीय परामर्श के प्रतिबंधित दवाएं की ब्रिकी नहीं की जा सकती। इसका गलत इस्तेमाल युवा पीढ़ी कर रही है और उनकी सेहत के साथ-साथ भविष्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। नशा मुक्ति के तमाम प्रयास के बावजूद बच्चों युवाओं में मादक पदार्थों की लत बढ़ रही है। नशे की यह आदत चोरी, लूटपाट दुष्कर्म की घटनाओं को बढ़ावा दे रही है।   जैसिंगनगर, अमझोर,कुदरी , सीधी , बनसुकली , कुबरा  के अलावा आस-पास के कस्बा और गांवों के युवा पूरी तरह नशे की चपेट में हैं। खांसी में उपयोग आनेवाली दवा कोरेक्स की बहुत ज्यादा  मांग बढ़ गई है।  और दोनों  ही क्षेत्र के थाना प्रभारी इस और बिलकुल भी ध्यान नहीं  दे रहें  है , इसका उपयोग नशा उत्पाद के रूप में होता है, इसलिए इस पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। कोरेक्स की सप्लाई बंद है। इसके बावजूद कोरेक्स की बिक्री अवैध तरीके से जारी है। कही कही तो  प्रति बोतल कोरेक्स 300 रुपए तक में बेची जा रही है, जबकि इसका अधिकतम खुदरा मूल्य 89 रुपए है। नशे के रूप में इसका इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति रोजाना 5-6 बोतल कोरेक्स गटक जाता है। क्षेत्र के ही राजेन्द्र और संदीप की जोड़ी ये गुल खिला रहे है। इनका उदाहरण जैसिंगनगर,अमझोर, झारा, कुदरी के बहकते युवाओ को देखा जा सकता है।

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