विकास की गंगा को वार्डों की गलियों तक पहुंचाने में जुटीं महापौर प्रीति संजीव सूरी, 1.33 करोड़ के विकास कार्यों का होगा भूमिपूजन सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं, सड़क, नाली और बुनियादी सुविधाओं के जरिए शहर की तस्वीर बदलने की दिशा में पहल; तीन वार्डों में विकास कार्यों से नागरिकों को मिलेगी राहत
विकास की गंगा को वार्डों की गलियों तक पहुंचाने में जुटीं महापौर प्रीति संजीव सूरी, 1.33 करोड़ के विकास कार्यों का होगा भूमिपूजन
सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं, सड़क, नाली और बुनियादी सुविधाओं के जरिए शहर की तस्वीर बदलने की दिशा में पहल; तीन वार्डों में विकास कार्यों से नागरिकों को मिलेगी राहत
कटनी। शहर के विकास की असली तस्वीर बड़े-बड़े दावों से नहीं, बल्कि उन गलियों में नजर आती है, जहां वर्षों से नागरिक बेहतर सड़क, जल निकासी और आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे रहते हैं। इसी सोच को केंद्र में रखकर नगर निगम महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी शहर के वार्डों तक विकास कार्यों को पहुंचाने की दिशा में सक्रिय नजर आ रही हैं। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को तीन वार्डों में प्रस्तावित विकास कार्यों का भूमिपूजन इसी प्रयास की महत्वपूर्ण कड़ी है। इन कार्यों के माध्यम से महापौर की प्राथमिकता स्थानीय जरूरतों को विकास की योजनाओं से जोड़ने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के रूप में सामने आ रही है।
तीन वार्डों में प्रस्तावित छह विकास कार्यों पर लगभग 1 करोड़ 33 लाख 59 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें डामरीकरण, सीसी रोड, डब्ल्यूबीएम सड़क और नाली निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। इनका सीधा संबंध आम नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों से है। सड़कें बेहतर होंगी तो आवागमन सुगम होगा और नाली निर्माण से जल निकासी की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी।
जवाबदेही का मतलब है वार्डों की जरूरतों को प्राथमिकता देना
एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी केवल विकास कार्यों की घोषणा करना नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं को समझना, आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता दिलाना और उन्हें जमीन पर उतारने के लिए निरंतर प्रयास करना भी है। महापौर प्रीति संजीव सूरी के नेतृत्व में प्रस्तावित इन कार्यों को इसी दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। वार्डों की आंतरिक सड़कों से लेकर नाली निर्माण तक की योजनाएं बताती हैं कि शहर के विकास में स्थानीय स्तर की जरूरतों को भी महत्व देना आवश्यक है। हालांकि, विकास की वास्तविक सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब भूमिपूजन के बाद निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरे हों, गुणवत्ता के मानकों का पालन हो और नागरिकों को उनका वास्तविक लाभ मिले। इसलिए इन परियोजनाओं की नियमित निगरानी और जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।
संत कवरराम वार्ड: राबर्ट लाइन की सड़कों को मिलेगी मजबूती
संत कवरराम वार्ड के राबर्ट लाइन क्षेत्र में दो डामरीकरण कार्य प्रस्तावित हैं। बजरंग बली मंदिर से अमर अमित आसरानी के घर तक सड़क निर्माण पर लगभग 26 लाख 68 हजार रुपये तथा रामचंद पोपटमल की आढ़त से जे.के. वॉच के मकान तक डामरीकरण पर लगभग 20 लाख 43 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों कार्यों की कुल लागत करीब 47 लाख 11 हजार रुपये है। इन सड़कों के निर्माण से संबंधित क्षेत्र में आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। भूमिपूजन का समय: शाम 4 बजे।
रामकृष्ण परमहंस वार्ड: सड़क, नाली और संपर्क मार्गों पर जोर
रामकृष्ण परमहंस वार्ड में लगभग 55 लाख 61 हजार रुपये के चार विकास कार्य प्रस्तावित हैं। मंगलनगर में पुलिया के पास करीब 20 लाख 49 हजार रुपये की लागत से नाली निर्माण कराया जाएगा। मुस्लिम बस्ती में लगभग 14 लाख 17 हजार रुपये की लागत से सीसी रोड बनेगी। मस्जिद के पास विभिन्न स्थानों पर करीब 5 लाख 33 हजार रुपये से डामरीकरण होगा, जबकि मेन रोड से लाल जी शर्मा के घर तक तथा अन्य स्थानों पर लगभग 15 लाख 62 हजार रुपये की लागत से डब्ल्यूबीएम सड़क का निर्माण किया जाएगा।
इन कार्यों का उद्देश्य क्षेत्र में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के साथ जल निकासी और आवागमन से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करना है। स्थानीय जरूरतों के अनुरूप ऐसे कार्य वार्ड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भूमिपूजन का समय: शाम 5 बजे।
रफी अहमद किदवई वार्ड: जागृति कॉलोनी में सीसी रोड निर्माण
रफी अहमद किदवई वार्ड की जागृति कॉलोनी में लगभग 30 लाख 87 हजार रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत अरुण गिरी गोस्वामी से सुनील दुबे, राजमणि गौतम तथा परमानंद चौबे से राजू तिवारी तक सड़क निर्माण कराया जाएगा। इससे कॉलोनी के संबंधित हिस्सों में आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है भूमिपूजन का समय: शाम 5:30 बजे।
विकास की सोच को परिणामों तक पहुंचाना ही असली कसौटी
महापौर प्रीति संजीव सूरी के लिए इन विकास कार्यों का महत्व केवल निर्माण परियोजनाओं तक सीमित नहीं है। शहर की अलग-अलग बस्तियों में नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना, उनकी स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता देना और विकास का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना किसी भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की कार्यशैली के महत्वपूर्ण आधार हैं। तीन वार्डों में होने वाला यह भूमिपूजन इसी दिशा में एक पहल है। अब नागरिकों की अपेक्षा रहेगी कि सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे हों, ताकि योजनाओं का लाभ कागजों से निकलकर वास्तविक जीवन में दिखाई दे। क्योंकि विकास की गंगा तभी सार्थक है, जब उसकी धारा शहर के हर वार्ड, हर बस्ती और आम नागरिक के दरवाजे तक पहुंचे।