सचिव ने खुद के खाते में ली मजदूरी

ओढ़ेरा सचिव का कारनामा

(Amit Dubey-8818814739)
उमरिया। केन्द्र और राज्य सरकार का ग्राम पंचायतों को स्वावलम्बी बनाने का सपना क्या इन हालातों के चलते साकार हो पायेगा? ग्राम पंचायतों में तैनात सचिव, सरपंच और ठेकेदारों के बीच गठजोड़ विकास कार्योंं के लिए आने वाले सरकारी धन को दीमक की तरह चाट रहा है। सरकारी धन का बडेÞ पैमाने पर बंदरबांट किया जा रहा हैं। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी छुपाई गई हो, पाली जनपद की ग्राम पंचायत औढ़ेरा सचिव टेकलाल पटेल द्वारा खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई गई, उसके बावजूद जिम्मेदारों ने इस ओर से आंख मंूद रखी है।
डीएम के निर्देश भी रद्दी की टोकरी में
कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने जिले की सभी जनपद सहित ग्राम पंचायतों को सख्त निर्देश दिये थे कि हितग्राही मूलक योजना सहित अन्य किसी भी कार्य में भ्रष्टाचार सहित नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जायेगी, साथ ही जनपद में बैठे जिम्मेदारों को सख्त हिदायत दी थी कि अपने ग्राम पंचायतों में हुए सभी कार्याे को ध्यान में रखा जाये एवं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाये। बावजूद इसके जिम्मेदारों ने उनके आदेशों को भी दरकिनार कर दिया।
खुद के खाते में ले ली मजदूरी
जनपद पंचायत पाली की ग्राम पंचायत ओढ़ेरा के सचिव टेकलाल पटेल द्वारा मजदूरी के नाम पर जो राशि मजदूरों के खाते में जानी चाहिए थी, वह खुद के ही खाते में ले ली। जानकारों का कहना है कि मजदूरी कितने लोगों ने की और कितनी हुई इसका कोई विवरण सचिव द्वारा नहीं दर्शाया गया और 50 हजार की राशि मार्च के महीने में आहरित कर ली गई, ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी जनपद में बैठे जिम्मेदारों को नहीं है, लेकिन कथित सचिव मैनेजमेंट में इतने माहिर हैं कि जिम्मेदारों इस ओर देखते हुए भी आंखे मूंद ली।

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