स्वीकृत पेंड्रा बाईपास निर्माण की मांग तीसरे दिन भी बुलंद, जनआंदोलन को मिला जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों का व्यापक समर्थन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम पोस्टकार्ड अभियान भी जारी, जिला प्रेस क्लब के नेतृत्व में तेज हुआ बाईपास निर्माण का जनसंकल्प
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही। वर्ष 2018 में स्वीकृत 13 किलोमीटर लंबे पेंड्रा बाईपास के निर्माण की मांग को लेकर जिला प्रेस क्लब गौरेला–पेंड्रा–मरवाही के बैनर तले चल रहा जनआंदोलन रविवार को तीसरे दिन भी पूरे उत्साह और बढ़ते जनसमर्थन के साथ जारी रहा। नगर की लगातार बिगड़ती यातायात व्यवस्था, भारी वाहनों के दबाव और सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं के बीच अब यह आंदोलन पूरे क्षेत्र की जनभावना का स्वरूप लेता जा रहा है। आंदोलन के दौरान क्रमिक भूख हड़ताल के साथ-साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम हस्तलिखित पोस्टकार्ड अभियान भी लगातार जारी है, जिसके माध्यम से नागरिक बाईपास निर्माण की मांग सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचा रहे हैं।
तीसरे दिन जिला ऑटो संघ ने सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक इमरान खान, संदीप गुप्ता, मोंटी, विजेन्द्र वैश्य, रजनीश तिवारी तथा पेंड्रा नगर पालिका के पूर्व पार्षद मैकू भरिया मुख्य रूप से धरने पर बैठे रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि वर्षों पहले स्वीकृत परियोजना का निर्माण अब और विलंबित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन नगर के भीतर से गुजरते हैं, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
धरना स्थल पर पूरे दिन जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों का आना-जाना लगा रहा। आंदोलन को समर्थन देने एवं उसका उत्साहवर्धन करने के लिए जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, डॉ. के.के. ध्रुव, मनोज गुप्ता, राजेंद्र ताम्रकार, अशोक शर्मा, नफीस खान, मनीष केशरी, हर्ष गोयल, विद्या राठौर, जिला पंचायत सदस्य बुंदकंवर मार्को, रेखा तिवारी, मालती वाकरे, तारा मार्को, सिद्धार्थ तिवारी, शंकरलाल यादव, मनोज साहू, मैकू भरिया, प्रमोद शर्मा, इमरान खान, संदीप गुप्ता, मोंटी, विजेन्द्र वैश्य, रजनीश तिवारी, रामनिवास तिवारी, नितिन छाबरिया, नगर पालिका अध्यक्ष राकेश जालान तथा इकबाल सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक मंच पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
वक्ताओं ने कहा कि पेंड्रा बाईपास केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा, सुगम यातायात और आर्थिक विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। वर्ष 2018 में शिलान्यास और स्वीकृति मिलने के बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होना क्षेत्रवासियों की अपेक्षाओं के साथ अन्याय है। शासन को तत्काल आवश्यक बजट स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए, ताकि नगर को भारी वाहनों के दबाव से राहत मिल सके।
आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम हस्तलिखित पोस्टकार्ड अभियान भी विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित पोस्टकार्ड लिखकर स्वीकृत पेंड्रा बाईपास का निर्माण शीघ्र प्रारंभ कराने की अपील की। आंदोलनकारियों का कहना है कि पोस्टकार्ड अभियान के माध्यम से क्षेत्र की जनता की भावनाएं सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जा रही हैं। लगातार बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं, जिससे यह जनआंदोलन और अधिक व्यापक होता जा रहा है।
जिला प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह जनहित और गैर-राजनीतिक है। इसका उद्देश्य केवल वर्षों से लंबित स्वीकृत पेंड्रा बाईपास का निर्माण प्रारंभ कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक निर्माण कार्य प्रारंभ करने की ठोस घोषणा नहीं होती, तब तक क्रमिक भूख हड़ताल, जनजागरण और पोस्टकार्ड अभियान सहित आंदोलन के विभिन्न चरण निरंतर जारी रहेंगे।
आंदोलनकारियों ने क्षेत्र की जनता, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, किसान संगठनों, युवाओं तथा सभी जनप्रतिनिधियों से इस जनहित के अभियान में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने का आह्वान किया।