फिर हुई 10 वर्षीय बाघ की मौत
उमरिया। बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में लगातार बाघो की मौत हो रही है, वर्ष 2022 में पार्क प्रबंधन ने एक दर्जन के
आस-पास बाघ और तेंदुओं के मारे जाने की पुष्टि की थी। जुट्टा तलैया क्षेत्र में अपनी बादशाहत कायम करने के लिए
एक युवा बाघ ने पनपथा बफर रेंज के करौंदिया बीट में सक्रिय एक 10 वर्षीय बाघ को लड़ाई में मौत के घाट उतार
दिया। इससे पहले इस बाघ ने इसी जुट्टा तलैया वाली बाघिन के एक तीन महीने के शावक को भी मार डाला था।
बाघिन व मृत शावक सहित तीन शावक भी उसी बाघ की संतान हैं, जिसे नए बाघ ने मार गिराया है।
बाघ का शव पुराना लग रहा था जो सड़ भी चुका था, ग्राम करौंदिया थाना अमरपुर परिक्षेत्र पनपथा (बफर) में राजस्व
क्षेत्र चुनिया कछरा रामकिशोर चौधरी के खेत में बाघ का यह शव पाया गया था। बदबू उठने लगी तो गांव के लोगों ने
देखा और इसकी सूचना बीटगार्ड करौंदिया को दी। बीटगार्ड करौंदिया सुरक्षा श्रमिकों के साथ घटनास्थल पर पहुंच
गया। उसने वहां देखा की लगभग 3 से 5 दिन पुराना बाघ का शव भदार नदी के बगल में राजस्व क्षेत्र में पड़ा है। इसके
बाद बीटगार्ड ने इसकी सूचना टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को दे दी।
यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि जिस राजस्व एरिया में बाघ का मृत शरीर मिला है वह पार्क क्षेत्र के कम्पार्टमेंट
नम्बर 407 के काफी नजदीक भदार नदी के किनारे ही है, एसी आशंका जाहिर की जा रही है कि दूसरे बाघ के साथ हुई
फाइट में घायल इस बाघ ने जुट्टा तलैया का एरिया छोड़ कर नदी के किनारे खेतों की शरण ले ली होगी, जिससे
पालतू पशुओं का शिकार कर अपना पेट भर सकें, लेकिन फाइट में लगी चोट के कारण बाघ की मौत हो गई। हालाकि
यह भी चर्चा है कि टाईगर रिजर्व क्षेत्र में नियम विरूद्ध रिसोर्ट सहित अन्य निर्माण कार्याे को अनुमति दी गई, जिससे
बाघों का क्षेत्रफल सिकुड़ता जा रहा है ,जिससे आये दिन बाघों सहित जंगली जीवों की मौत हो रही है।