विश्व मधुमेह दिवस को डायबिटीस जागरुकता शिविर का आयोजन बाबा माधवशाह चिकित्सालय मे . अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा की जाएगी जाँच व इलाज
विश्व मधुमेह दिवस को डायबिटीस जागरुकता शिविर का आयोजन बाबा माधवशाह चिकित्सालय मे . अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा की जाएगी जाँच व इलाज

कटनी ॥ विश्व डायबिटीज दिवस पर अपने बेहतर स्वास्थ्य के लिए बाबा माधवशाह चिकित्सालय में आयोजित शिविर में अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा जाँच व इलाज का लाभ प्रदान किया जाएगा । बाबा माधवशाह चिकित्सालय माधवनगर में विश्व डायबिटीस दिवस 14 नवम्बर पर जन-जन में इस बीमारी के प्रति जागरुकता के शिविर का आयोजन किया गया है । इन्सुलिन की खोज करने वाली वैज्ञानिक Dr. Frederick Banting and Charles Best के जन्मदिवस 14 नवम्बर के उपलक्ष में शिविर का आयोजन किया गया है जिसमें 100 से अधिक मरीजों कों परामर्श के साथ उचित उपचार दिया जाएगा । इस संबंद्ध मे बाबा माधवशाह चिकित्सालय माधवनगर मे एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें डॉ . बलदेव सिंह एमडी ( जन.मेडिसिन ) ( शुगर and हार्ट ) ( डाइटटोलाजिस्ट ) ने जानकारी मे बताया कि भारत देश , विश्व भर में इस घातक बीमारी से ग्रसित होने वाला दूसरा देश है । भारत में लगभग 7.7 करोड़ मरीज शुगर से पीड़ित हैं । डॉ . बलदेव सिंह ने जानकारी देते हुए बताया की डायबिटीस का अर्थ है , ब्लड में शुगर की मात्रा का सामान्य से अधिक होना , सामान्यतः जब शुगर का मरीज भोजन ग्रहण करता है , तो उससे मिलने वाली उर्जा शरीर की मांसपेशियों , मस्तिष्क एवं शरीर के अन्य ऑर्गनस में पर्याप्त मात्रा में ना जाकर , वह ब्लड में ही बहती रहती है , ऐसा शरीर में इन्सुलिन हार्मोन के असंतुलित स्त्रावण के कारण होता है या इन्सुलिन हार्मोन के न होने के कारण भी होता है । शरीर में ब्लड शुगर का स्तर असंतुलित होने से अनेक गम्भीर बीमारीयों की संभावना बनी रहती है , जैसे खून में कॉलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ना , हृदय संबंधी रोगों से ग्रसित होना , हड्डियों एवं मांसपेशियों में कमजोरी आदि । डायबिटीज के मरीज अपनी जीवन शैली में कुछ बदलाव करके ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रख सकते हैं , जैसे नियमित 45 मिनट तक व्यायाम करना , तेल घी या चिकनाई युक्त भोजन का सेवन कम करना , वजन के बढ़ने या घटने पर नियंत्रण करके , विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से नियमित दवाईयां या इन्सुलिन लेना , रेग्युलर चैकअप कराते रहने से इस घातक बीमारी से रोकथाम की जा सकती है । डॉ . बलदेव सिंह ने जानकारी दी कि सामान्यतः खाली पेट ब्लड शुगर का स्तर 70-124 तक होना चाहिए एवं खाने के बाद अधिकतम 170 से ज्यादा नहीं होना चाहिए ।