छात्रों के सुरक्षा की गारंटी है, गुण्डों की कमर तोड़ेगे

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बाहरी तत्वों से तार जोडऩे में छात्र भी संयम बरतें
बीते दिनो मेडिकल कालेज परिसर में घुसपैठ कर अराजक तत्वों ने इस कदर ताण्डव मचाया था कि पूरा परिसर
एकबारगी दहल कर रह गया था। वहां का वातावरण आज भी भयाक्रांत है। प्रशासन के बड़े अफसरों ने निरंतर वहां की
स्थिति पर नजर रखा और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही कालेज में सुरक्षा का वातवरण बहाल करने
का प्रयास किया है।
शहडोल। कालेज मे हुए बलबाई कृत्य के बाद हालांकि कालेज के लिए डीन ने मेडिकल प्रोटेेक्शन एक्ट के तहत सुरक्षा
की मांग की थी और पुलिस ने कार्रवाई में तत्परता भी बरती है फिर भी छात्र छात्राओं को भयमुक्त करने और सुरक्षा
प्रदान करने के संबंध में कमिश्नर राजीव शर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का हर छात्र सुरक्षित है मैं इसकी गारंटी
देता हूं।
मेडिकल कालेज सुरक्षित है
कमिश्नर ने मेडिकल छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में आराजकता फैलाने वाले किसी भी
असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज मेें पूरी तरह से सुरक्षित है। कॉलेज में
आराजकता फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर प्रशासन ने सख्त कार्यवाही की है। सभी विद्यार्थी सकारात्मक सोच
के साथ पढ़े और आगे बढ़े तथा सर्वोत्तम करने का प्रयास करें। शहडोल चिकित्सा महाविद्यालय देश का सर्वोत्तम
चिकित्सा महाविद्यालय बनें ऐसे संयुक्त प्रयास होने चाहिए।
आत्मरक्षा करें आक्रमण नहीं
कमिश्नर ने छात्रों से कहा कि भारतीय संविधान ने सभी को आत्मरक्षा का अधिकार दिया है, ये आपकी जिम्मेदारी है
कि आप अपनी सुरक्षा के लिये आत्मरक्षा के प्रयास करें। सभी को आत्मरक्षा का अधिकार है, किन्तु आक्रमण का
नहीं। अन्याय सहने वाला भी अपराधी होता है। संभाग की शांति और सुंदरता कायम रहनी चाहिए। मेडिकल कॉलेज

में आपस की लड़ाईयां बंद होना चाहिए, डीन एवं कॉलेज प्रबंधक की जिम्मेदारी है कि चिकित्सा महाविद्यालय
शहडोल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराए। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स, प्राध्यापक और विद्यार्थियों में आपसी
समन्वय की आवश्यकता है। चिकित्सको के बीच अंतर विरोध खत्म करें और मेडिकल कॉलेज को बेहतर से बेहतर
बनाने के प्रयास करें।
बाहरी तत्वों से गठजोड़ ठीक नहीं
विद्यार्थियों को सम्बोंधित करते हुए एडीजी डी.सी. सागर ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में गत दिवस हुये घटनाक्रम
की गहराईयों में जायें, तो मेडिकल कॉलेज के छात्रों में से ही कुछ छात्र आरोपियों के साथ जुड़े हुये थे। उन्होंने कहा कि
मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों का बाहरी लोगों से याराना, दोस्ताना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज
की पढ़ाई काफी कठिन होती है, विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मेडिकल कॉलेज
शहडोल में विद्यार्थियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे है। मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के
लिये कॉलेज परिसर में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिये शिविर का आयोजन किया जाएगा। विद्यार्थियों को डीन
मेडिकल कॉलेज डॉ. मिलिंद शिरालकर ने भी सम्बोंधित किया। इस अवसर मेडिकल कॉलेज के प्राध्यापक,
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती प्रगति वर्मा सहित मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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