मुख्यधारा से जोडऩे आर्थिक सहायता की गुहार

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शहडोल। आजीवन कारावास की सजा भुगत चुके बुद्धू पाव ने कलेक्टर कार्यालय में फरियाद लगाई कि वह
आदिवासी गरीब परिवार से आता है, मुख्य धारा से जोडऩे के लिए स्वरोजगार-पुर्नवास के लिए आर्थिक सहायता दी
जाये। फरियादी ने कलेक्टर को दिये गये आवेदन में उल्लेख किया कि वह वार्ड क्रमांक 10 आंगनबाड़ी केन्द्र सगरा,

तहसील जैतपुर, पोस्ट रूपौला का निवासी है, वर्ष 2009 में धारा 148, 323, 142, 302 के तहत न्यायालय द्वारा उसे
दण्डित करते हुए आजीवन कारावास की सजा हुई थी, 15 अगस्त 2022 को सजा भुगतकर वह रिहा हुआ है। पुन:
अपराध में संलिप्त न होने तथा समाज में मुख्य धारा से जुडऩे के लिए एवं स्वरोजगार एवं पुर्नवास के लिए शासन की
योजनानुसार आर्थिक सहायता प्राप्त करने का पात्र हूं। सजा के दौरान केन्द्रीय जेल रीवा में व्यवसायिक प्रशिक्षण
प्राप्त किया है तथा स्वरोजगार एवं पुर्नवास के लिए उसे 5 लाख रूपये आर्थिक सहायता तथा ऋण की जरूरत है।
फरियादी ने कलेक्टर से मांग की है कि उसकी सहायता की जाये।

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