3 माह से मजदूरी के लिए भटक रहे मजदूर
शहडोल। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार योजना के तहत मजदूरों को 100 दिन की मजदूरी की गारंटी है, ताकि
ग्रामीणों को मजदूरी के लिए गांव से बाहर नहीं जाना पड़े, लेकिन जिले में मजदूरों को पहले तो काम ही नहीं मिलता।
यदि काम मिल भी जाए तो, उनको समय से मजदूरी नहीं मिल पाती। जिससे मजदूर परेशान रहते हैं, सरपंच-सचिव
अपने चहेतों को ही मजदूरी देते हैं। तमाम मजदूर गांव में रोजगार नहीं मिलने के कारण अन्य प्रांतों में मजदूरी कर
अपने परिवार का पालन पोषण करने को विवष हो रहे हैं।
मंगलवार को कलेक्टर को दी गई शिकायत में ग्राम पंचायत कंचनपुर के मजदूरों ने बताया कि कंचनपुर सरपंच-
सचिव द्वारा मनरेगा अंतर्गत लगातार 3 माह नहर बनाने में काम दिया एवं स्टाप डेम कंचनपुर में 20 दिन लगातार
काम दिया, अब काम का पैसा मांगने पर सचिव द्वारा आना-कानी की जा रही है एवं भुगतान नहीं किया जा रहा है।
अब हम सभी काफी तंग हो चुके हैं, घर चलाना तक मुश्किल हो गया है। मजदूरों ने कलेक्टर से मांग की है कि हमारी
मजदूरी जल्द दिलाई जाये।
इनका कहना है…
कंचनपुर में रोजगार सहायक प्रभार में थे, लेकिन लगभग 2 माह से वह हड़ताल में है, हालाकि मस्टर जनपद में जमा
हो चुके हैं, इसके अलावा सचिव को प्रभार मिल गया है, लेकिन पता नहीं क्यों भुगतान नहीं हो रहे हैं।
मलेश बैगा
सरपंच
ग्राम पंचायत कंचनपुर