हरदा के बैरागढ़ की घटना के बाद जिला प्रसासन अलर्ट जिले में विस्फोटक अधिनियम और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने जिला दंडाधिकारी नें अनुभाग, तहसील एवं थानावार किया दल गठित

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हरदा के बैरागढ़ की घटना के बाद जिला प्रसासन अलर्ट
जिले में विस्फोटक अधिनियम और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने जिला दंडाधिकारी नें अनुभाग, तहसील एवं थानावार किया दल गठित

कटनी।। हरदा के बैरागढ़ में मंगलवार को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के बाद जिला प्रसासन अब पुरे अलर्ट मोड़ पर नजर आ रहा है।विस्फोट की भयावहता को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अवि प्रसाद ने कटनी जिले में विस्फोटक अधिनियम और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने अनुभाग, तहसील एवं थानावार दल गठित किया है। कार्यालय कलेक्टर, एवं जिला मजिस्ट्रेट कटनी (म0प्र0) के द्वारा जारी आदेश पत्र क्रमांक 194 /आर डी एम/2024 कटनी दिनांक 06/02/2024 के आदेशानुसार आदेश विस्फोटक अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा विस्फोटक अधिनियम 1884 एवं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 तथा विस्फोटक नियम 2008 के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना है तथा इन नियमों के तहत विस्फोटक पदार्थों का पेट्रोल पंप एवं आबादी क्षेत्र से दूरी, अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा संधारित अभिलेखों के अनुसार क्रय विक्रय एवं निर्धारित मापदण्डों के अनुसार दुकान,फैक्ट्री सुरक्षित स्थल पर होने का भौतिक सत्यापन कराया जाना है। अतः उक्त नियम/अधिनियम के तहत कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निम्नानुसार अनुभाग, तहसील एवं थानावार दल गठित किया गया है जिसमे अनुभाग स्तर दल के अनुविभाग कटनी थाना कोतवाली, कुठला, माधवनगर, रंगनाथ नगर, एन के जे के लिए प्रदीप मिश्रा, उपखण्ड मजिस्ट्रेट कटनी एवं श्रीमति ख्याति मिश्रा, नगर पुलिस अधीक्षक को जांच का दायित्व सौपागया है। कटनी रीठी, बडवारा मे प्रदीप मिश्रा, उपखण्ड मजिस्ट्रेट उमराव सिंह, डी एस पी हैड क्वार्टर को जांच अधिकारी का जिम्मेदारी दी गईं है। विजयराघवगढ़ में विजयराघवगढ़,बरही, कैमोर मे महेश मंडलोई, उपखण्ड मिजस्ट्रेट विजयराघवगढ, केपी सिंह, एस डीओपी विजयराघवगढ को जांच अधिकारी का जिम्मेदारी दी गईं है। ढीमरखेडा के उमरियापान, ढीमरखेडा मे श्रीमति विकी सिंघमारे, उपखण्ड मजिस्ट्रेट ढीमरखेडा एवं अखिलेश गौर, एस डी ओ पी स्लीमनाबाद को जांच का जिम्मेदारी दी गई है।
बहोरीबंद के स्लीमनाबाद/बहोरीबंद/बाकल मे राकेश चौरसिया, उपखण्ड मजिस्ट्रेट बहोरीबंद तथा अखिलेश गौर, एसडीओपी को जांच अधिकारी नियक्ति किया है। कटनी के थाना कोतवाली/ कुठला , माधवनगर, रंगनाथ नगर,एन के जे मे आशीष अग्रवाल, तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट ,अजीत तिवारी प्र.तह. एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट ,थाना प्रभारी कोतवाली,कुठला,माधवनगर,रंगनाथ नगर, एन के जे को जांच का जिम्मा दिया गया। रीठी मे सुश्री आकांक्षा चौरसिया तहसीलदार,एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट रीठी एवं थाना प्रभारी रीठी को जांच का जिम्मेदारी दी गईं है। मे बडवारा मनीष शुक्ला तहसीलदार एव कार्यपालिक मजिस्ट्रेट बडवारा
थाना प्रभारी बडवारा को जांच की जिम्मेदारी दी गई। बरही मे नितिन पटेल तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट बरही एवं थाना प्रभारी बरही को जांच की जिम्मेदारी दी गई। विजयराघवगढ, कैमोर मे बी के मिश्रा, तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट विजयराघवगढ,थाना प्रभारी विजयराघवगढ कैमोर मे जांच अधिकारी बनाया गया है। बहोरीबंद/बाकल मे गौरव पाण्डेय तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट बहोरीबंद,थाना प्रभारी बहोरीबंद/बाकल को जांच अधिकारी बनाया गया। स्लीमनाबाद मे संदीप सिंह ठाकुर तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट,एवं थाना प्रभारी स्लीमनाबाद को जिम्मेदारी दी गई।ढीमरेखडा/ पानउमरिया मे अजय कुमार मिश्रा तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट ढीमरखेडा थाना प्रभारी ढीमरखेडा / पानउमरिया को जांच करने का जिम्मा सौपा गया। उक्त गठित जांच दल निम्नानुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगे की आतिशबाजी विनिर्माण फैक्टरी किस प्रकार होना अनिवार्य है जिसमे क. जारी अनुज्ञप्ति परिसर 15 कि.ग्रा. आतिशबाजी विनिर्माण के लिए होती है। सभी कमरे जैसे मिक्सिंग शेड/फिलिंग शेड/विनिर्माण शेड/डिप्पिंग शेड आदि के कमरों के बीच की सुरक्षा दूरी 18 मीटर अनिवार्य रूप से होना चाहिए तथा फुलझड़ियों के कमरों के बीच की सुरक्षा दूरी 9 मीटर होना चाहिए। कमरो का साईज 9 वर्ग मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। हर कमरे में दो दरवाजे होना अनिवार्य है परन्तु एक कमरे का दरवाजा दूसरे कमरे के दरवाजे के आमने-सामने नहीं होना चाहिए। सभी कमरों के बीच में कई मीटर उँची तथा 60 से.मी मौटाई की ब्लास्ट बॉल होनी चाहिए। प्रत्येक कमरे को विस्फोटक क्षमता का आंकड़ा 15 कि.ग्रा. से भागित कमरों की संख्या से आंका जाना चाहिए। सल्फर का लाईसेंस होना चाहिए जो कि आर्म्स मजिस्ट्रेट द्वारा आर्ल्स नियम 2016 के अन्तर्गत आपके द्वारा जारी किया जाता। प्रत्येक रसायनिक पदार्थों के लिए अलग-अलग कमरा होना चाहिए एवं सल्फर का कमरा अलग
से चारों ओर 3 मीटर को सुरक्षा दूरी के अनुत्तार उपलब्ध होनी चाहिए । निरीक्षण के दौरान देख गया है कि प्रायः सभी कमरे एक साथ जुड़े हुए होते है जिसमें सुरक्षा दूरी उपलब्ध नहीं होती है जिससे अग्नि दुर्घटना के समय जनहानि ज्यादा होती है।
आतिशबाजी की दुकान विस्फोटक नियम, 2008 के अनुरूप होना चाहिए.आतिशबाजी, गनपाउडर छोटे पलीते वाले नाइट्रो यौगिक और सुरक्षित फयूज से भिन्न किसी विस्फोटक के अनुज्ञप्ति में अनुज्ञात कब्जे और विक्रय के लिए किसी दुकान में भंडारण किया गया है या नहीं?,दुकान का निर्माण दुकान को ईट, पत्थर, कंक्रीट से निर्मित है या नहीं? दुकान में अप्राधिकृत व्यक्ति के पहुच निवारित की जा सके क्या सुरक्षात्मक व्यवस्था की गई है?.परिसर 9 वर्गमीटर से अनयून और 25 वर्गमीटर से अनाधिक का भंढारण क्षेत्र है या नहीं? 25 वर्गमीटर से अधिक न हो पुष्टि हो। किसी भवन के अन्य भाग से पूर्णतया, पृथक, स्वतंत्र प्रवेश वालो सारवान दिवारों वाले भवन से और आपातकालीन प्रवेश वाले और यदि बाहर की ओर खुलने वाले दरवाजों वाले भवन के भूतल पर अवस्थित होगी।उप स्तर में तहखाने में या नीचे के तल पर अवस्थित नहीं होगी।निवास के प्रयोजन के लिए उपयोग किए जाने वाले उपरी तल के नीचे अवस्थित नही होगी। किसी जीने या लिफ्ट के नीचे या आसपास अविस्थित नहीं होगी।?अग्निशामक के लिए पहुच योग्य होगी। चिंगारी या ज्वलन पैदा करने में सक्षम कोई विदयुत उपकरण या बैटरी या तेल वाले लॅप या उसी प्रकार के उपकरण नहीं होंगे और दुकान में सभी विद्युत वायर फिक्स किए जाएंगे और प्रभावी रूप से सील या पाइप में यांत्रिक रूप से सुरक्षित होंगे। मुख्य स्विच या परिपथ ब्रेकर की परिसर के बाहर तुरंत पहुंच स्थिति में व्यवस्था होगी। प्रायः देखा गया है कि दुकान का साइज बढ़ा लिया जाता है तथा बाजू की अन्य दुकानों में भी भण्डारण किया जाता है एवं मात्रा अधिक स्टाक किया जाता है तथा दुकान के नक्शे भी उपलब्ध नही होते है। स्थाई अनुज्ञप्ति प्राप्त दो आतिशबाजी की दुकानों के बीच, विस्फोटक नियम 2008 के नियम 86(3) के अन्तर्गत आवश्यक सुरक्षा दूरी 15 मीटर उपलब्ध होनी चाहिए एवं 15 मीटर तक के दायरे में कोई भी ज्वलनशील पदार्थ दुकान व कार्य नही किया जाना चाहिए। अनुज्ञप्ति के आधार पर दुकान में आतिशबाजी की वजन व मात्रा निर्धारित प्ररूप के अनुसार ही होना चाहिए जैसे- क. फायरवक्र्स – 300 कि.ग्रा. (रॉकेट, अनार, चकरी आदि) ख. चोरसा (पूर्व नाम चायनीज केकर्स) व स्पार्कल्स 1200 कि.ग्रा. (सुतली वन, सड़ी, फुलझड़ी आदि) 13 आतिशबाजी का प्रदर्शन अक्सर शादी/पार्टी के अवसर पर तथा स्टेडियम में करने से पूर्व जिला प्रशासन से अनुमति लेकर सुरक्षित स्थानों पर ही किया जाना चाहिए। इसी प्रकार मैग्जिन,पेट्रोल पंप,एल पी जी गैस वितरण एजेंसी का निरीक्षण की कार्यवाही की जाएगी जिसमे विस्फोटक नियम 2008 के नियम 24 के प्रावधान अनुसार विस्फोटकों के विनिर्माण, कब्जा, विकय, प्रयोग या वहन के लिये अनुज्ञप्ति धारण करने वाला कोई व्यक्ति, अनुसूची 5 के भाग पांच में उल्लेखित प्रारूप आर ई-2 से लगायत प्रारूप आर०ई०-12 तक में अभिलेखों का संधारण करेगा और त्रैमासिक विवरणी नियंत्रक तथा जिला मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत करेगा। त्रैमासिक विवरणी में उल्लेखित विवरण का भौतिक सत्यापन उपरांत प्रमाणीकरण जिला मजिस्ट्रेट या उसके द्वारा प्राधिकृत कार्यपालिक मजिस्ट्रेट द्वारा किया जावेगा। (i) विस्फोटक नियम 2008 के नियम 128 के तहत सभी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक एवं उप निरीक्षक से अग्रिम पंक्ति के पुलिस अधिकारी को अपने अपने अधिकारिता क्षेत्र में तलाशी एवं अभिग्रहण की शक्तियां प्राप्त है। अतः नियमित तौर पर तलाशी तथा अभिग्रहण की कार्यवाही की जाय। विस्फोटक नियम 2008 के नियम 78 में प्रावधान अनुसार किसी मैगजीन, भण्डार गृह या दुकान को केवल भूस्थल पर ही निर्मित किया जायेगा। कोई मैगजीन या भण्डार गृह एकल मंजिल का भवन ही होगा। उक्त प्रावधान का कड़ाई से पालन कराये जाये। विस्फोटक के कब्जे, विक्रय, भण्डारण या उपयोग के लिये अनुज्ञप्ति परिसर विस्फोटक नियम 2008 के नियम 86 में प्रावधान अनुसार सुरक्षित दूरी पर रखे जाने का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाये। आदेश मे उल्लेख किया गया है कि समस्त जिला दण्डाधिकारी एवं उनके द्वारा प्राधिकृत कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी अपने अपने अधिकारिता क्षेत्र में जारी विस्फोटक सामग्री से संबंधित अनुज्ञाप्तिधारियों की सूची रखेगें। समस्त थाना प्रभारी विस्फोटक पदार्थों को उपयोग हेतु ले जाने से संबंधित वाहनों को प्रदाय की गयी परिवहन से संबंधित अनुज्ञप्ति की सूची रखेगें और समय-समय पर उनका निरीक्षण करेंगे। विस्फोटक नियम 2008 के तहत त्यौहारों के दौरान पटाखा के कब्जे एवं विक्रय के लिये अस्थायी अनुज्ञप्ति जारी करते समय नियम 84 की कंडिका 1 लगायत 6 तक के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये, जिससे किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। भौतिक सत्यापन उपरांत अनियमितता तथा शर्तों का उल्लंघन पाये जाने पर विस्फोटक नियम 1884 की धारा -9 (ख) एवं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4 एवं 5 के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्तावित करेंगे। विस्फोटक अधिनियम 1884, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 एवं विस्फोटक नियम 2008 गृह विभाग की वेबसाईट www.home.mp.gov.in के अधिनियम तथा नियम पर उपलब्ध है। गठित दल को निर्देशित किया गया है कि संलग्न सूची अनुसार वे उपरोक्त बिन्दुओं के तहत तत्काल निरीक्षण करना सुनिश्चित करेंगे तथा जांचोपरांत का प्रतिवेदन उपरोक्त बिन्दुओं में दिनांक 07.02.2024 को समय दोपहर 02:00 बजे तक संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित कर एकजाई निरीक्षण रिपोर्ट इस कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायेंगे, ताकि शासन को उक्तजानकारी भेजी जा सके। शासन से प्राप्त दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।

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