अमरकंटक में अतिक्रमण पर सख्ती, नगर परिषद ने लगाया पूर्ण प्रतिबंध
ड्रोन कैमरे से की जा रही निगरानी, अतिक्रमणकारियों पर होगी कानूनी कार्रवाई
अमरकंटक/पवित्र नगरी अमरकंटक, जो मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली के रूप में जानी जाती है, यहां नगर परिषद ने अतिक्रमण पर बड़ा निर्णय लेते हुए वार्ड क्रमांक 01 से 15 तक हो रहे सभी नए निर्माण कार्यों एवं अवैध अतिक्रमणों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) चैन सिंह परस्ते ने बताया कि जिला कलेक्टर महोदय के मार्गदर्शन में यह निर्णय लिया गया है, जिससे नगरी की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय गरिमा बनी रहे।
नगर परिषद द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार, नगर क्षेत्र में अब किसी भी प्रकार का नया निर्माण, झोपड़ी, मकान या अन्य अतिक्रमण संबंधित कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई व्यक्ति शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 एवं 223 के तहत कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए नगर परिषद द्वारा ड्रोन कैमरे के माध्यम से निगरानी की जा रही है। ड्रोन से क्षेत्र की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कर अतिक्रमण की स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। इस तकनीकी पहल के चलते अब किसी भी प्रकार का नया अतिक्रमण छिपा नहीं रह पाएगा।
नगर परिषद के राजस्व प्रभारी मनीष विश्वकर्मा ने बताया कि किसी भी क्षेत्र में नए निर्माण अथवा अतिक्रमण की सूचना मिलते ही संबंधित टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर उसे हटाने की कार्यवाही कर रही है। नगर परिषद की यह सख्त नीति अमरकंटक की धार्मिक पहचान, पर्यावरणीय संतुलन और सौंदर्य को सुरक्षित रखने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
स्थानीय प्रशासन का यह प्रयास है कि अमरकंटक की पवित्रता एवं प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित रखा जाए, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावर
ण मिल सके।
श्रवण उपाध्याय समाचार प्रतिनिधि