हत्या करने वाले आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

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हत्या करने वाले आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा
कटनी।। थाना बडवारा के अपराध क्र. 434/2022 प्रकरण क्र. 182/2022 में माननीय न्यायालय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश कटनी द्वारा रोहित सेन उम्र लगभग 24 वर्ष, सोनू सेन उम्र लगभग 29 वर्ष, मोहित सेन उम्र लगभग 22 वर्ष एवं संदीप उर्फ मोनू सेन उम्र लगभग 22 वर्ष को धारा 302/34 भादवि में आजीवन कारावास एवं 1000-1000/-रु. अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से के.के. तिवारी अपर लोक अभियोजक के द्वारा पैरवी की गई। मीडिया सेल प्रभारी सुरेन्द्र गर्ग द्वारा बताया गया कि, दिनांक 21.08.2022 को शाम 630 बजे के लगभग कैलाश मिश्रा एवं उसका भाई चेतन मिश्रा, गांव का संजय यादव तीनों ग्राम मोहास स्थित अपने घर में वैल्डिंग की दुकान पर बैठे थे। गांव के रोहित सेन, सोनू सेन, कैलाश मिश्रा की दुकान पर आए और कैलाश के भाई चेतन मिश्रा को आवाज लगाकर बुलाए और बोले कि बाहर आओ कुछ बात करनी है। चेतन मिश्रा दुकान के बाहर आया और बात करते-करते आरोपी रोहित तथा सोनू उसे अपने साथ ले गए। कुछ देर बाद चेतन बचाव-बचाव करके चिल्लाया, तब कैलाश एवं संजय यादव दौड़ कर रोहित सेन की दुकान तरफ गए, तो देखा कि चेतन मिश्रा के दोनों हाथ गमछे से पीछे तरफ बंधे थे। चेतन मिश्रा को आरोपी मोहित तथा मोनू दोनों तरफ बंधे हाथ को पकड़े थे। आरोपी रोहित सेन चाकू से तथा आरोपी सोनू सेन हथौड़ी से मार रहा था। आरोपी मोहित कह रहा था कि चेतन मिश्रा बचना नहीं चाहिए, इसको मार डालो। कैलाश मिश्रा एवं संजय यादव चेतन को बचाने दौड़े तो रोहित सेन, सोनू सेन, मोहित सेन, मोनू सेन वहां से भाग गए। मौके पर कैलाश मिश्रा के पिता पहुंच गए। उसके बाद चेतन मिश्रा को एम्बुलेंस से अस्पताल ले गये। चेतन मिश्रा की दाढ़ी के नीचे, गले, आंख में चोट लगकर काफी खून बह रहा था। संबंधित चिकित्सकीय विशेषज्ञ के द्वारा परीक्षण उपरांत यह प्रकट किया गया है कि चेतन मिश्रा की मृत्यु हो गई है। कैलाश मिश्रा की सूचना के आधार पर रिपोर्ट, अंतर्गत धारा 302 सहपठित धारा 34 भादवि कायमी की गई। रिपोर्ट में कैलाश मिश्रा के द्वारा यह तथ्य भी लेख कराए गए कि उसके भाई चेतन मिश्रा की रोहित सेन एवं सोनू सेन से पैसों के लेन-देन को लेकर पुरानी रंजिश चल रही थी, इसी कारण उसके भाई चेतन मिश्रा को आरोपीयों रोहित सेन, सोनू सेन, मोनू सेन, मोहित सेन के द्वारा चाकू एवं लोहे की हथौड़ी से मार कर हत्या कर दी गई है। अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र तैयार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। माननीय विचारण न्यायालय द्वारा साक्षीगण के कथनों व आये वैज्ञानिक साक्ष्यों से सहमत होते हुये अभियुक्तगण को धारा 302/34 भादवि में आजीवन कारावास एवं 1000-1000/-रु. अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

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