आईएएस संतोष वर्मा के कथित बयान पर विवाद तेज, ब्राह्मण समाज ने एफआईआर और कार्रवाई की मांग की
आईएएस संतोष वर्मा के कथित बयान पर विवाद तेज, ब्राह्मण समाज ने एफआईआर और कार्रवाई की मांग की
कटनी।। आईएएस अधिकारी एवं अजाक्स संगठन के प्रांताध्यक्ष संतोष वर्मा द्वारा हाल ही में दिए गए कथित बयान को लेकर प्रदेशभर में विरोध तेज़ हो गया है। ब्राह्मण समाज सहित कई संगठनों ने इस बयान को आपत्तिजनक, असंवेदनशील एवं समाज में वैमनस्य फैलाने वाला बताया है।
इसी क्रम में सवर्ण आर्मी (सवर्ण सेवा न्यास) एवं समस्त ब्राह्मण समाज, जिला कटनी ने पुलिस अधीक्षक तथा केन्द्रीय गृह मंत्रालय को ज्ञापन सौंपकर कठोर कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि संतोष वर्मा, एक शासकीय अधिकारी होने के नाते अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 से बंधे हैं, जिसमें किसी भी प्रकार की सामाजिक विभाजनकारी टिप्पणी पर रोक है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि उनके बयान ने एक समुदाय की महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की है, जिससे समाज में आक्रोश फैल गया है। संगठन ने पुलिस से मांग की है कि—
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 एवं 196 के तहत उनके खिलाफ धार्मिक एवं सामाजिक भावना भड़काने का मामला दर्ज किया जाए। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल गिरफ्तार कर विभागीय कार्रवाई की जाए। उन्हें दायित्वों से पदमुक्त (सस्पेंड) करने की कार्रवाई भी की जाए। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती है तो सर्व समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। समस्त ब्राह्मण समाज, कटनी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री, नई दिल्ली को भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि संतोष वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई की जाए। ऐसे संस्थानों या मंचों पर नियंत्रण लगाया जाए जो समाज में कथित रूप से जातीय वैमनस्य उत्पन्न कर रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि बयान से मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर का ब्राह्मण समाज आक्रोशित है, तथा ऐसी टिप्पणी शासन की छवि को धूमिल करती है।