जब भगवान भी सुरक्षित नहीं… तो समझिए शहर की सुरक्षा भगवान भरोसे है एक रात, चार मंदिर निशाने पर…दो में सफल हुए चोर पुलिस पेट्रोलिंग पर फिर उठे सवाल

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जब भगवान भी सुरक्षित नहीं… तो समझिए शहर की सुरक्षा भगवान भरोसे है
एक रात, चार मंदिर निशाने पर…दो में सफल हुए चोर
पुलिस पेट्रोलिंग पर फिर उठे सवाल
कटनी।। कड़ाके की ठंड ने जहां आम नागरिकों को घरों में कैद कर दिया है, वहीं चोरों को खुला मैदान दे दिया है। शहर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब भगवान भी सुरक्षित नहीं हैं। बीती रात कोतवाली थाना क्षेत्र में एक साथ चार मंदिरों को निशाना बनाया जाना पुलिस की कार्यशैली और रात्रि पेट्रोलिंग पर सीधा तमाचा है। कड़ाके की ठंड के बीच अब चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि वे न सिर्फ सूने घरों बल्कि आस्था के केंद्रों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे। बीती रात शहर में एक के बाद एक चार मंदिरों में चोरी के प्रयास ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और पेट्रोलिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरों ने आस्था पर सीधा हमला करते हुए सबसे पहले गणेश चौक स्थित गणेश मंदिर को निशाना बनाया। यहां मंदिर में रखे कटोरा और थाली पर चोरों ने हाथ साफ किया। इसके बाद सिविल लाइन स्थित कल्याणी दुर्गा माता मंदिर में गेट का कुंदा काटने का प्रयास किया गया, हालांकि यहां चोर असफल रहे।
चोर यहीं नहीं रुके। गायत्री नगर मेन रोड स्थित राम मंदिर में ताला तोड़कर भगवान राम का मुकुट और माला चोरी कर ली गई। बताया जा रहा है कि मुकुट पर चांदी का अर्क चढ़ा था, जिसे चोर चांदी समझकर ले गए। सबसे बड़ी वारदात बाबा घाट स्थित हनुमान मंदिर में हुई, जहां चोरों को देर रात पर्याप्त समय मिला। मंदिर परिसर में घुसकर उन्होंने हनुमान जी का चांदी का मुकुट और छत्र चोरी कर लिया, जिसका वजन लगभग एक पाव चांदी बताया जा रहा है।
इस पूरे मामले में कोतवाली थाना प्रभारी राखी पांडे ने बताया कि गणेश मंदिर और राम मंदिर में केवल चोरी का प्रयास हुआ है, जबकि बाबा घाट हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी हुआ है। लगातार बढ़ती ठंड में जब आम नागरिक घरों में सिमटने को मजबूर हैं, तब चोर खुलेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। एक ही रात में चार मंदिरों को निशाना बनना यह दर्शाता है कि चोरों को पुलिस का कोई खौफ नहीं है।
जब चोरों को समय मिला, पुलिस नदारद रही
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी वारदातों के बावजूद रात भर पुलिस पेट्रोलिंग कहीं नजर नहीं आई। इससे साफ है कि अपराधियों को यह भरोसा हो गया है कि उन्हें रोकने वाला कोई नहीं। बीती रात जो हुआ, वह सामान्य चोरी नहीं बल्कि कानून व्यवस्था की खुली पोल है। एक ही रात में चार-चार मंदिरों पर हमला यह साबित करता है कि अपराधियों को न पुलिस का डर है, न कानून का सम्मान। जब चोर घंटों मंदिर परिसर में घूमते रहे, ताले तोड़ते रहे और चांदी के मुकुट उठाकर निकल गए — तब पुलिस पेट्रोलिंग आखिर कहां थी?
क्या चोरों को यह भरोसा हो गया है कि उन्हें रोकने वाला कोई नहीं? ठंड के साथ-साथ अब अपराध का असर भी साफ दिखने लगा है। ठंड के बढ़ते प्रकोप के साथ ही अपराध का ग्राफ भी तेजी से ऊपर जा रहा है। यदि अब भी पुलिस ने सख्ती नहीं दिखाई, तो आने वाली रातें और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती हैं।

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