नगर पालिका की मनमानी के खिलाफ सड़क पर उतरे सफाई मित्र
वेतन-एरियर और नियमितीकरण को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल(अनिल तिवारी)
शहडोल।नगर पालिका परिषद द्वारा वर्षों से की जा रही कथित उपेक्षा और शोषण से आक्रोशित सफाई मित्र अब खुलकर विरोध पर उतर आए हैं। भारतीय सफाई मजदूर संघ के आह्वान पर नगर पालिका में कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है।
सफाई कर्मचारियों ने बताया कि तीन दिन पूर्व नगर पालिका परिषद को लिखित रूप से ज्ञापन सौंपकर मांगों की पूर्ति न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी गई थी, लेकिन नगर पालिका के सीएमओ, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया। इसी के चलते कर्मचारियों को हड़ताल का सहारा लेना पड़ा।
कर्मचारियों का कहना है कि नगर पालिका परिषद शहडोल में 30 वर्षों से अधिक समय से सेवा दे रहे सफाई मित्र आज भी अस्थायी हैं। न तो उन्हें नियमित किया गया है और न ही समय पर वेतन दिया जाता है। वर्षों से एरियर भुगतान लंबित है, लेकिन नगर पालिका हर बार फंड की कमी का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचती रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि जहां भ्रष्टाचार की संभावना होती है, वहां बजट की कोई कमी नहीं होती, लेकिन गरीब सफाई मजदूरों के हक के लिए पैसे नहीं होते।
भारतीय सफाई मजदूर संघ के नेतृत्व में सफाई मित्रों ने अपने परिजनों के साथ रैली निकालकर शहर के जनप्रतिनिधियों के घर-घर जाकर अपनी व्यथा सुनाई और न्याय की मांग की। आंदोलन के दौरान कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका में नियमितीकरण के नाम पर पैसों का लेन-देन होता है। उनका दावा है कि गरीब सफाई मित्र आज तक परमानेंट नहीं हो पाए, जबकि पैसे देने वाले कर्मचारियों को नियमित कर दिया गया।
सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को नगर पालिका परिषद शहडोल के कई पार्षदों का समर्थन भी मिल चुका है, जिससे नगर पालिका प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सीएमओ, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की मिलीभगत से नगर पालिका में भ्रष्टाचार को संरक्षण मिल रहा है।
इस पूरे मामले में जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह के हस्तक्षेप के बाद नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और अधिकारियों ने कर्मचारियों के साथ बैठक करने का प्रस्ताव रखा है। वहीं, सफाई मित्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सफाई मित्र शासन-प्रशासन और सरकार से न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं और मांग कर रहे हैं कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि वे अपने परिवार का जीवन सम्मानपूर्वक चला सकें।