नाम कटे, वोट छीने कांग्रेस ने लगाया सुनियोजित चुनावी फर्जीवाड़ा का आरोप कांग्रेस पार्षद मिथलेश जैन ने लगाए गंभीर आरोप निर्वाचन शाखा–सत्ताधारी दल की मिलीभगत से पात्र मतदाताओं को वंचित करने का षड्यंत्र
नाम कटे, वोट छीने कांग्रेस ने लगाया सुनियोजित चुनावी फर्जीवाड़ा का आरोप
कांग्रेस पार्षद मिथलेश जैन ने लगाए गंभीर आरोप
निर्वाचन शाखा–सत्ताधारी दल की मिलीभगत से पात्र मतदाताओं को वंचित करने का षड्यंत्र
कटनी।। जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर अभियान के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पार्षद एवं अधिवक्ता मिथलेश जैन ने एक पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के इशारे पर निर्वाचन शाखा के कुछ कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत से पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से जानबूझकर काटे जा रहे हैं। मिथलेश जैन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को किया गया था, जिसके बाद दावा-आपत्ति आमंत्रित की गईं। इसी प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए फर्जी हस्ताक्षरों, कूटरचित नामों और कंप्यूटर से टाइप किए गए आवेदन तैयार कर हजारों मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश रची गई।
उन्होंने कहा कि कई वार्डों में ऐसे आवेदन सामने आए हैं, जिनमें जिस मतदाता का नाम काटने की मांग की गई, उसका विवरण कंप्यूटर से टाइप किया गया है, जबकि आपत्तिकर्ता का नाम व पता हस्तलिखित है। इससे स्पष्ट है कि आवेदन किसी कार्यालयीन सेट-अप में योजनाबद्ध तरीके से तैयार किए गए।
कांग्रेस पार्षद ने आरोप लगाया कि यह पूरा षड्यंत्र खास तौर पर कांग्रेस समर्थित एवं अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित करने के उद्देश्य से रचा गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कई मामलों में जिन व्यक्तियों के नाम से आपत्ति दर्ज की गई, उन्होंने स्वयं किसी भी प्रकार का आवेदन देने से इनकार किया है और उनके नाम व हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और अधिवक्ताओं की उपस्थिति में यह भी मांग की गई कि नाम कटाने से जुड़े सभी फॉर्म तत्काल जब्त किए जाएं, पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए, तथा फर्जीवाड़े में शामिल कर्मचारियों व जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मिथलेश जैन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस गंभीर लोकतांत्रिक अपराध पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी इसे जन आंदोलन का रूप देगी और निर्वाचन आयोग से लेकर न्यायालय तक जाएगी। यह मामला न केवल निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों पर चोट करने वाला कृत्य भी माना जा रहा है।