किसके संरक्षण में फल-फूल रहा था खनिज का काला खेल आधी रात का ऑपरेशन,खनिज माफियाओं में हड़कंप जमुवानी में अवैध लेटराइट खनन पर प्रशासन का प्रहार, हाइवा जब्त

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किसके संरक्षण में फल-फूल रहा था खनिज का काला खेल
आधी रात का ऑपरेशन,खनिज माफियाओं में हड़कंप
जमुवानी में अवैध लेटराइट खनन पर प्रशासन का प्रहार, हाइवा जब्त
कटनी।। जमुवानी में लेटराइट खनिज के अवैध उत्खनन और परिवहन का संगठित नेटवर्क प्रशासन के रडार पर आ गया है। कलेक्टर के निर्देश पर आधी रात चली कार्रवाई में अवैध खनन में लगा हाइवा जब्त किया गया, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। सूत्रों के अनुसार यह हाइवा बरही–विजयराघवगढ़–चरी मोड़ रूट से लगातार बिना रॉयल्टी खनिज ढो रहा था। बताया जा रहा है कि इस रूट पर स्थानीय खदान संचालकों और परिवहन एजेंटों की मिलीभगत से रात में खनिज बाहर भेजा जाता था। अचानक हुई कार्रवाई से नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। सूत्रों का दावा है कि अब सिर्फ वाहन नहीं, पूरे सिंडिकेट की जांच शुरू हो चुकी है।
जमुवानी में पकड़ा गया अवैध लेटराइट खनन का मामला अब सिर्फ एक हाइवा की जब्ती तक सीमित नहीं रह गया है। आधी रात की कार्रवाई ने उस अदृश्य संरक्षण की ओर इशारा कर दिया है, जिसके सहारे खनिज का यह काला कारोबार लंबे समय से चलता रहा। सवाल साफ है बिना संरक्षण क्या इतनी निर्बाध आवाजाही संभव थी? सूत्रों के अनुसार जिस बरही–विजयराघवगढ़–चरी मोड़ रूट से अवैध खनिज ढोया जा रहा था, वह पहले से सेफ रूट माना जाता रहा है। यही कारण है कि कार्रवाई की भनक लगते ही चालक का वाहन छोड़कर फरार हो जाना कई सवाल खड़े करता है। क्या उसे पहले से इशारा मिला था?

जानकारी यह भी है कि अवैध उत्खनन केवल रात के निश्चित घंटों में ही किया जाता था, जब निगरानी ढीली रहती है। यह संयोग नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित नेटवर्क की मौजूदगी का संकेत है जहां खदान, ट्रांसपोर्ट और निगरानी से जुड़े कुछ चेहरे एक-दूसरे से जुड़े हो सकते हैं। कलेक्टर के निर्देश पर हुई यह कार्रवाई उस संरक्षण कवच में पहली दरार मानी जा रही है, जिसने अब तक अवैध खनन को बचाए रखा था। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि जल्द ही जांच का दायरा वाहन मालिक, खदान संचालक और रूट मैनेजमेंट तक बढ़ाया जाएगा।
तहसील विजयराघवगढ़ के ग्राम जमुवानी में लेटराइट खनिज के अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त एक हाइवा को जब्त कर प्रशासन ने बड़ी सफलता हासिल की है। कलेक्टर द्वारा जिला टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध योजनाबद्ध एवं रात्रिकालीन कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों के पालन में खनिज अमले ने बुधवार रात 10 बजे से गुरुवार सुबह 4 बजे तक जिले की विभिन्न तहसीलों और प्रमुख मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया। कटनी से बड़वारा-विलायतकला मार्ग पर रॉयल्टी दस्तावेजों की जांच की गई, वहीं बड़वारा, रोहनिया, बसाड़ी, बरही मार्ग पर भी खनिज वाहनों की कड़ी पड़ताल की गई।
लगातार जांच के बाद देर रात करीब 2 बजे बरही विजयराघवगढ़ मार्ग पर चरी मोड़ भटूरा क्षेत्र के आसपास ग्राम जमुवानी में अवैध रूप से लेटराइट की खुदाई कर परिवहन करते एक हाइवा को पकड़ा गया। कार्रवाई के दौरान हाइवा चालक वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। मौके पर मौजूद खनिज अमले ने स्थानीय खदान संचालकों की सहायता से वाहन को सुरक्षित रूप से पुलिस थाना कैमोर की सुपुर्दगी में सौंपा। जिले के अलग-अलग मुख्य मार्गों पर एक साथ चली इस चेकिंग कार्रवाई से अवैध खनन और परिवहन से जुड़े तत्वों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस अभियान में उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित, सहायक खनिज अधिकारी पवन कुशवाहा, खनिज निरीक्षक कमलकांत परस्ते, सिपाही ज्ञानेन्द्र सिंह, सुशील सिंह एवं रमाकांत गर्ग की भूमिका सराहनीय रही।
अब सवाल यह नहीं कि हाइवा किसका था, सवाल यह है कि वह बेखौफ चल कैसे रहा था? अगर संरक्षण नहीं था, तो फिर अवैध खनन की यह पूरी व्यवस्था कैसे बनी? नाम उजागर होने से पहले, जवाब प्रशासन को देना ही होगा। प्रशासन की यह कार्रवाई सिर्फ एक हाइवा की जब्ती नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क के लिए चेतावनी है जो रात के अंधेरे में सरकारी संसाधनों की लूट में लगा है।

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