मदनलाल ग्रोवर की तपस्या,बाबू ग्रोवर का समर्पण और संजय सत्येंद्र पाठक की प्रेरणा से निलकंठेश्वर धाम बना जन–जन की आस्था का महाकेंद्र हर श्रद्धालु ने की दिव्यता की अनुभूति महाशिवरात्रि पर शिवमय हुआ नीलकंठ धाम

0

मदनलाल ग्रोवर की तपस्या,बाबू ग्रोवर का समर्पण
और संजय सत्येंद्र पाठक की प्रेरणा से
निलकंठेश्वर धाम बना जन–जन की आस्था का महाकेंद्र
हर श्रद्धालु ने की दिव्यता की अनुभूति
महाशिवरात्रि पर शिवमय हुआ नीलकंठ धाम
कटनी।। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पूरा नीलकंठ धाम शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। श्रद्धा, आस्था और विश्वास का विराट केंद्र बने नीलकंठ धाम में भोर से ही हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लगभग 36 वर्षों से शिवभक्तों की आस्था का केंद्र रहा यह धाम महाशिवरात्रि पर मानो अलौकिक धाम में परिवर्तित हो गया। मंदिर परिसर को भव्य पुष्प सज्जा, रंगीन रोशनी और धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया। हर हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, गंगाजल, दूध और भस्म से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया। महाशिवरात्रि का मुख्य आकर्षण रही भगवान शिव की भव्य बारात। डीजे, ढोल-नगाड़े, शंखनाद और आकर्षक झांकियों के साथ निकली शिव बारात ने पूरे क्षेत्र को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। शिव-पार्वती विवाह की जीवंत झांकी, गणों का नृत्य और साधु-संतों की टोलियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। बारात के दर्शन के लिए सड़कों के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।
मंदिर प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विशेष इंतजाम किए गए थे। अलग-अलग दर्शन पंक्तियां, पेयजल, चिकित्सा सहायता, स्वयंसेवकों की तैनाती और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। पुलिस व प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
रात्रि में विशेष रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, शिव चालीसा पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। दीपों की रोशनी में जगमगाता नीलकंठ धाम आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत नजर आया। मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात्रि की गई सच्ची पूजा से सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। महाशिवरात्रि पर नीलकंठ धाम में उमड़ी अपार भीड़ ने यह सिद्ध कर दिया कि यह क्षेत्र न सिर्फ औद्योगिक बल्कि धार्मिक आस्था का भी एक सशक्त केंद्र बन चुका है।

शिवभक्ति के इस महासंगम ने शहर को एक बार फिर धर्म, संस्कृति और परंपरा से जोड़ दिया। इस दिव्य धाम की स्थापना और निरंतर विस्तार के पीछे हरिश्चंद्र पद्मभूषण से सम्मानित स्व. मदनलाल ग्रोवर की तपस्या, सेवा और संकल्प निहित है। उनके द्वारा आरंभ की गई भक्ति परंपरा को आज उनके पुत्र बाबू ग्रोवर पूरे श्रद्धा भाव से आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक इस धाम के प्रेरणास्रोत के रूप में निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं, जिससे यह शिवालय निरंतर बृहद और दिव्य स्वरूप ग्रहण कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed