हाल ए हलचल विशेष रिपोर्ट: प्रसूति योजना बनी भ्रष्टाचार की भेंट, 20 हज़ार के सरकारी लाभ के लिए वसूली जा रही 5 हज़ार की रिश्वत!

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(मोहम्मद शाकिब खान चीफ रिपोर्टर)

 

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए चलाई जा रही ‘प्रसूति योजना’ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। जिले के ग्राम पंचायत गोरखपुर में गरीब हितग्राहियों को मिलने वाले सरकारी लाभ पर कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों की बुरी नजर लग गई है। पहले बच्चे के जन्म पर शासन से मिलने वाली 20,000 रुपये की सहायता राशि दिलाने के एवज में यहाँ 5,000 रुपये की खुलेआम रिश्वत मांगी जा रही है।

 

क्या है पूरा मामला?

‘हाल ए हलचल’ को सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम पंचायत गोरखपुर में पदस्थ कुछ महिला कर्मचारियों ने सरकारी योजना को कमाई का जरिया बना लिया है। शासन द्वारा पहले बच्चे के लिए दी जाने वाली 20,000 रुपये की राशि हितग्राहियों के खाते में तभी पहुँचती है, जब वे इन कर्मचारियों को 5,000 रुपये की ‘कमीशन’ या रिश्वत देते हैं।

 

ग्राम गोरखपुर में ऐसे एक-दो नहीं, बल्कि कई मामले सामने आए हैं जहाँ गरीब और मजबूर महिलाओं से 5,000 रुपये की रिश्वत लेने के बाद ही उन्हें प्रसूति योजना का लाभ दिलाया गया है। जो हितग्राही यह रकम देने में असमर्थ होते हैं, उन्हें दफ्तरों के चक्कर कटवाए जाते हैं और योजना के लाभ से वंचित रखा जा रहा है।

 

प्रशासन से प्रमुख मांगें:

स्थानीय ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने ‘हाल ए हलचल’ के माध्यम से जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से निम्नलिखित सख्त कदम उठाने की मांग की है:

 

निष्पक्ष जांच:

गोरखपुर ग्राम पंचायत में प्रसूति योजना के तहत पिछले कुछ समय में हुए सभी भुगतानों और हितग्राहियों से पूछताछ कर एक उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।

 

तत्काल निलंबन:

जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित भ्रष्ट महिला कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) किया जाए और उन पर एफआईआर (FIR) दर्ज हो।

 

ईमानदार कर्मचारियों की पदस्थापना:

भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों को हटाकर ग्राम गोरखपुर में नई और ईमानदार महिला कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए ताकि गरीब महिलाओं को उनका हक बिना किसी रिश्वत के मिल सके।

 

अब देखना यह है कि इस खुलासे के बाद जिला कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इन भ्रष्ट कर्मचारियों पर क्या एक्शन लेते हैं, या फिर गरीब महिलाओं का यह शोषण यूं ही बदस्तूर जारी रहेगा।

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