श्रीराम की महिमा से आलोकित हुआ भरभरा आश्रम, भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम
श्रीराम की महिमा से आलोकित हुआ भरभरा आश्रम, भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम
कटनी। श्रीरामनवमी के पावन अवसर पर उमरियापान क्षेत्र स्थित भरभरा आश्रम के शिवमंदिर परिसर में शुक्रवार शाम आयोजित आविर्भाव समारोह भक्ति, संस्कृति और कला का अनुपम संगम बनकर उभरा। जिला प्रशासन, श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में सराबोर रहे।
कार्यक्रम में जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, सांसद प्रतिनिधि पद्मेश गौतम, पर्यावरणविद् निर्भय सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता दुबे, एसडीएम निधि गोहल, जनपद पंचायत सीईओ यजुवेंद्र कोरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत जबलपुर के लोकगायक भवानीदास अहिरवार की बुंदेली लोकगायन प्रस्तुति से हुई। उन्होंने जनम लये राजा राम अवध में, राम लखन सिया जानकी जैसे भक्ति गीतों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। उनकी प्रस्तुति में राम भक्ति के साथ शिव स्तुति और माँ नर्मदा पर आधारित गीतों ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया। इसके बाद कथक नृत्यांगना डॉ. श्यामा पंडित की संकल्पना और कोरियोग्राफी में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम पर आधारित कथक नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। नाटिका में राम-सीता वनवास, सीता हरण, राम की शक्ति पूजा और रावण वध जैसे प्रसंगों को भावपूर्ण ढंग से मंचित किया गया। तीनताल और रूपक ताल में सजी इस प्रस्तुति ने लय, भाव और अभिनय का उत्कृष्ट समन्वय प्रस्तुत किया। विशेष रूप से राम की शक्ति पूजा,और रावण वध के दृश्य ने दर्शकों में भक्ति और वीर रस का संचार किया।
अंतिम चरण में बुरहानपुर के नितेश सिंह एवं उनके साथियों ने भक्तिगायन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्ति रस से ओत-प्रोत कर दिया। नगरी हो अयोध्या सी, दुनिया चले ना श्रीराम के बिना और श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में” जैसे गीतों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे आयोजन के दौरान आश्रम परिसर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित रहा। मधुर संगीत, सजीव नृत्य प्रस्तुति और भावपूर्ण अभिव्यक्तियों ने इस आयोजन को एक गरिमामय सांस्कृतिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।