अमित शाह-संजय सत्येंद्र पाठक मुलाकात प्रदेश की सियासत में नए समीकरणों की आहट….बड़े सियासी संकेत या नई रणनीति की पटकथा….क्या प्रदेश में होने जा रहा है बड़ा सियासी उलटफेर

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अमित शाह-संजय सत्येंद्र पाठक मुलाकात प्रदेश की सियासत में नए समीकरणों की आहट….बड़े सियासी संकेत या नई रणनीति की पटकथा….क्या प्रदेश में होने जा रहा है बड़ा सियासी उलटफेर
कटनी।। देश की राजधानी दिल्ली मे हुई गृह एवं सहकारिता मंत्री अमितशाह और विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक की मुलाकात ने प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। सवाल ये कि क्या यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात थी… या फिर इसके पीछे छुपा है कोई बड़ा सियासी प्लान
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली स्थित आवास पर हुई इस मुलाकात में क्षेत्रीय विकास, संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। खास बात यह है कि इन दिनों अमितशाह पांच राज्यों के चुनावी अभियान में बेहद व्यस्त हैं…बावजूद इसके संजय सत्येंद्र पाठक को दिया गया समय कई संकेत दे रहा है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह मुलाकात महज शिष्टाचार नहीं है। ऐसे समय में जब चुनावी सरगर्मियां चरम पर हैं, इस तरह की बैठकों के दूरगामी राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। क्या पार्टी संगठन में कोई बड़ा बदलाव होने वाला है या फिर यह आगामी रणनीति की बुनियाद है। जिस तरह से यह मुलाकात हुई है, उसने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर कुछ भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसे बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
ऐसे व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रम के बीच अमित शाह द्वारा संजय सत्येंद्र पाठक को समय दिया जाना खास महत्व रखता है। इस मुलाकात ने प्रदेश की राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे सौजन्य भेंट बताया जा रहा है, लेकिन जिस समय और परिस्थिति में यह मुलाकात हुई है, उसे देखते हुए सियासी हलकों में हलचल होना स्वाभाविक माना जा रहा है। फिलहाल इस मुलाकात के मायने क्या निकलते हैं, यह आने वाला वक्त ही बताएगा… लेकिन इतना तय है कि शाह–पाठक की इस बैठक ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।

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