ग्राम गोरखपुर में रहस्यमय तरीके से कौवों की मौत, महज 300 मीटर के दायरे में कई पोल्ट्री फार्म होने से ‘बर्ड फ्लू’ की दहशत
मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता गौरेला
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही / गोरखपुर: जिले के ग्राम गोरखपुर स्थित बेलगहना टोला में अचानक रहस्यमय तरीके से कौवों की मौत का मामला सामने आया है। इलाके में एक के बाद एक मृत कौवे मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। इन मौतों ने एक बड़े खतरे की घंटी बजा दी है, क्योंकि जिस स्थान पर यह मृत पक्षी पाए जा रहे हैं, वहां से महज 300 से 400 मीटर के दायरे में अत्यधिक तादाद में पोल्ट्री फार्म संचालित हो रहे हैं।
कौवों की इस तरह अचानक हो रही मौत से इलाके में ‘बर्ड फ्लू’ (Avian Influenza) जैसी गंभीर और संक्रामक बीमारी के फैलने की आशंका गहरी हो गई है। यदि यह बर्ड फ्लू का मामला हुआ, तो पास में मौजूद मुर्गी पालन केंद्रों तक संक्रमण फैलने में बिल्कुल भी देर नहीं लगेगी। इससे न केवल पोल्ट्री व्यवसाय को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी एक बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
फिलहाल, इन मौतों का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। यह भीषण गर्मी (हीटस्ट्रोक), कीटनाशक या कोई संक्रामक वायरस हो सकता है। लेकिन पोल्ट्री फार्म्स की नजदीकी को देखते हुए, स्थिति को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग:
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग (Veterinary Department) को तत्काल संज्ञान लेने की आवश्यकता है।
हमारी मांग है कि:
मृत पक्षियों के सैंपल तुरंत एकत्रित कर लैब जांच के लिए भेजे जाएं ताकि मौत के असली कारण की पुष्टि हो सके।
एहतियात के तौर पर आसपास के पोल्ट्री फार्म संचालकों को अलर्ट जारी किया जाए और बायो-सिक्योरिटी (Bio-security) के कड़े निर्देश दिए जाएं।
मृत पक्षियों का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाए ताकि संक्रमण अन्य जानवरों या इंसानों तक न फैले।
ग्रामीणों से भी अपील है कि वे मृत या बीमार पक्षियों को नंगे हाथों से बिल्कुल न छुएं और अपने पालतू जानवरों को भी उस क्षेत्र से दूर रखें। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ही किसी संभावित महामारी को रोक सकती है।