मरवाही में युग परिवर्तन श्रीमद भागवत ज्ञान महायज्ञ की तैयारियां पूर्ण; 16 जून से बहेगी ज्ञान की गंगा, जानें पूरा कार्यक्रम

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मरवाही।

शांतिकुंज हरिद्वार से संबद्ध गायत्री मंदिर समिति, गायत्री मंदिर मरवाही के तत्वावधान में आगामी 16 जून से 24 जून 2026 तक नौ दिवसीय भव्य “युग परिवर्तन श्रीमद भागवत ज्ञान महायज्ञ” का आयोजन होने जा रहा है। युगपरिवर्तन के इन महान क्षणों में ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की अमृतवर्षा करने के लिए मुंबई से सुप्रसिद्ध कथा व्यास साध्वी प्रज्ञा शर्मा जी पधार रही हैं। आज 14 जून को आयोजन समिति ने कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा और नौ दिवसीय विस्तृत सारणी जारी कर दी है।

“अमृतवर्षा ही जीवों का उद्धार करती है”

आयोजन समिति ने बताया कि इस महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य मानव मात्र में नए युग के संदेश का संचार करना है। कथा में ‘परीक्षित जी’ बनने और सपरिवार सम्मिलित होने के लिए सभी क्षेत्रवासियों को सादर हाथ जोड़कर आमंत्रित किया गया है।

नौ दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत सारणी:

प्रथम दिन (16 जून, मंगलवार): दोपहर 03:00 बजे ध्वजारोहण (जन प्रतिनिधियों द्वारा) एवं राष्ट्रगान, सायं 04:00 बजे भव्य कलश यात्रा, युग संदेश और संध्या आरती।

द्वितीय दिन (17 जून, बुधवार): प्रातः 05:00 से 06:00 बजे ध्यान-साधना, 06:00 से 07:00 बजे योगाभ्यास, 07:00 से 08:00 बजे स्वाध्याय। सुबह 08:00 से 09:00 बजे तक बफली प्रशिक्षण, 09:00 से 10:00 बजे कर्मकाण्ड प्रशिक्षण, 10:00 से 11:00 बजे युग परिवर्तन संदेश। दोपहर 01:00 से 02:00 बजे तक ज्योति अवधारणा। इसके बाद दोपहर 02:00 से 06:30 बजे तक संगीतमय कथा प्रारंभ, संध्या आरती और भोजन विश्राम।

तृतीय दिन (18 जून, गुरुवार): प्रतिदिन की सुबह की दिनचर्या के बाद, दोपहर 02:00 से 06:30 बजे तक संगीत मय कथा प्रारंभ, जिसमें देवर्षि नारद का पूर्व जन्म और शुकदेव आगमन प्रसंग होगा।

चतुर्थ दिन (19 जून, शुक्रवार): दोपहर 02:00 से 06:30 बजे तक संगीत मय कथा, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र और अजामिलोपाख्यान व्याख्यान।

पंचम दिन (20 जून, शनिवार): दोपहर 02:00 से 06:30 बजे तक संगीत मय कथा, प्रहलाद चरित्र, श्रीराम एवं श्री कृष्ण जन्मोत्सव (नंदोत्सव)।

षष्ठम दिन (21 जून, रविवार): दोपहर 02:00 से 06:30 बजे तक संगीत मय कथा, बाल लीलाएं और गोवर्धन पूजा।

सप्तम दिन (22 जून, सोमवार): दोपहर 02:00 से 06:30 बजे तक संगीत मय कथा, गोपीगीत, कंस वध, भ्रमरगीत और रुक्मणी विवाह प्रसंग।

अष्टम दिन (23 जून, मंगलवार): दोपहर 02:00 से 06:30 बजे तक संगीत मय कथा, भगवान के अन्य विवाह और सुदामा चरित्र इत्यादि।

नववां दिन (24 जून, बुधवार – गायत्री जयंती): सुबह 05:00 से 08:00 बजे तक बजे जप, ध्यान साधना। सुबह 08:00 बजे से 11:00 बजे तक भव्य यज्ञ, हवन और युग परिवर्तन संदेश। दोपहर 12:00 बजे से 02:00 बजे तक विशाल भण्डारा कार्यक्रम एवं पूर्णाहुति।

 

यह आयोजन गायत्री मंदिर समिति, गायत्री मंदिर मरवाही द्वारा कराया जा रहा है।

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