पेंड्रा बाईपास की मांग को लेकर क्रमिक भूख हड़ताल शुरू, पहले दिन पत्रकार बैठे अनशन पर
महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत अर्पित कर आंदोलन का शुभारंभ
स्वीकृत बाईपास निर्माण की मांग तेज, “अब और इंतज़ार नहीं… पेंड्रा को उसका बाईपास चाहिए”
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। वर्षों से लंबित पेंड्रा बाईपास निर्माण की मांग को लेकर जिला प्रेस क्लब के बैनर तले शुक्रवार से क्रमिक भूख हड़ताल की शुरुआत की गई। आंदोलन के पहले दिन महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत अर्पित कर आंदोलन का शुभारंभ किया गया। इसके बाद जिला प्रेस क्लब के सदस्य क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे और स्वीकृत पेंड्रा बाईपास का निर्माण शीघ्र शुरू करने की मांग को बुलंद किया।
कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका परिषद पेंड्रा के अध्यक्ष राकेश जालान ने आंदोलन स्थल पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने सबसे पहले महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे पत्रकारों का तिलक लगाकर एवं सूत पहनाकर उनका सम्मान किया और आंदोलन की सफलता की कामना की। उन्होंने कहा कि पेंड्रा बाईपास केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आवश्यकता है। इसके निर्माण से नगर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और आम नागरिकों को यातायात की बड़ी राहत मिलेगी।
आंदोलनकारियों ने बताया कि वर्ष 2018 में 13 किलोमीटर लंबे पेंड्रा बाईपास को स्वीकृति मिलने के बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस कारण प्रतिदिन भारी वाहन नगर के बीच से गुजरते हैं, जिससे जाम, दुर्घटनाएं और आमजन को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जिला प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के विरोध या समर्थन का नहीं, बल्कि जनहित और क्षेत्र के विकास का आंदोलन है। जब तक स्वीकृत पेंड्रा बाईपास के निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू नहीं होती, तब तक क्रमिक भूख हड़ताल चरणबद्ध रूप से जारी रहेगी। आंदोलन में बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे तथा सभी ने एक स्वर में पेंड्रा बाईपास निर्माण शीघ्र शुरू करने की मांग दोहराई।