प्रख्यात चिकित्सक एवं पूर्व स्वास्थ्य संचालक डॉ. प्रमोद सिंह का निधन, अंतिम संस्कार कल 11 जुलाई (शनिवार) को भोपाल में

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भोपाल। चिकित्सा, जनस्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवा के क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्ती, प्रख्यात चिकित्सक एवं छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वास्थ्य संचालक रहे डॉ. प्रमोद सिंह के निधन से शहडोल सहित पूरे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में शोक की लहर है। उनके निधन को चिकित्सा जगत, प्रशासनिक सेवा और समाज के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। दिवंगत डॉ. प्रमोद सिंह का अंतिम संस्कार कल, 11 जुलाई (शनिवार) को भोपाल में किया जाएगा। अंतिम संस्कार में परिजन, शुभचिंतक, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों के शामिल होने की संभावना है।
24 मार्च 1953 को बुढ़ार (जिला शहडोल) में जन्मे डॉ. प्रमोद सिंह एक प्रतिष्ठित एवं राष्ट्रसेवी परिवार से संबंध रखते थे। वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, मध्यप्रदेश शासन के पूर्व वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री एवं गुजरात के पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय कृष्ण पाल सिंह के ज्येष्ठ पुत्र थे। उनके पिता ने सार्वजनिक जीवन में लगभग तीन दशक तक उल्लेखनीय योगदान दिया तथा सात बार विधायक रहते हुए वित्त, विधि, राजस्व, योजना, पर्यटन, जेल, आबकारी एवं मत्स्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली।

वर्ष 1996 से 1998 तक उन्होंने गुजरात के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।
डॉ. प्रमोद सिंह की प्रारंभिक शिक्षा रीवा सैनिक स्कूल में हुई, जहां उन्होंने अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के संस्कार प्राप्त किए। इसके बाद उन्होंने नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर से एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त की तथा गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में उच्च अध्ययन किया। आगे चलकर उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर उपाधि अर्जित की। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से चयनित होकर उन्होंने चीफ मेडिकल ऑफिसर के रूप में अपने शासकीय सेवाकाल की शुरुआत की।
एक कुशल अस्थि रोग विशेषज्ञ (ऑर्थोपेडिक सर्जन) के रूप में उन्होंने लगभग दस वर्षों तक कटनी में चिकित्सा सेवाएं दीं। मरीजों के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सरल व्यवहार और सेवा भावना ने उन्हें एक लोकप्रिय एवं सम्मानित चिकित्सक बनाया। बाद में उन्होंने मध्यप्रदेश शासन में संयुक्त संचालक के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। नवगठित छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वास्थ्य संचालक के रूप में उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया। उनके नेतृत्व में अनेक जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिला। जनस्वास्थ्य और प्रशासनिक उत्कृष्टता के लिए उन्हें “भारत ज्योति अवार्ड” सहित कई राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया।
डॉ. प्रमोद सिंह का संपूर्ण जीवन सेवा, सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक रहा। उन्होंने चिकित्सा को केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम माना। अपने मधुर व्यवहार, उच्च नैतिक मूल्यों और जनसेवा के प्रति समर्पण के कारण वे समाज के प्रत्येक वर्ग में सम्मानित रहे। उनके निधन से चिकित्सा एवं सामाजिक क्षेत्र ने एक दूरदर्शी चिकित्सक, कुशल प्रशासक और कर्मयोगी व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
दिवंगत डॉ. प्रमोद सिंह का अंतिम संस्कार कल, 11 जुलाई (शनिवार) को भोपाल में किया जाएगा। उनके निधन पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं शुभचिंतकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

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