बुढ़ार में होगा 11 आर्यिका गुरु माताओं का चातुर्मास, चार माह तक बहेगी धर्म की गंगा
शहडोल। जैन धर्मावलंबियों के लिए इस वर्ष बुढ़ार नगर आध्यात्मिक साधना और धर्म प्रभावना का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की शिष्या एवं वर्तमान संघ आचार्य श्री समय सागर जी महाराज की आज्ञा से आर्यिका 105 श्री ऋजुमति माताजी सहित कुल 11 आर्यिका गुरु माताओं का चातुर्मास इस वर्ष बुढ़ार में संपन्न होने की संभावना है। इसे लेकर नगर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है।चातुर्मास की तैयारियों के क्रम में अमरकंटक से पदयात्रा करते हुए आर्यिका संघ रविवार, 12 जुलाई को धनपुरी-बुढ़ार स्थित शासकीय महाविद्यालय तिराहा के समीप श्री वासुपूज्य जिनालय जैन मंदिर पहुंचा। यहां प्रातः 8 बजे जैन समाज द्वारा भव्य अगवानी की गई। महिला-पुरुषों और युवाओं ने गाजे-बाजे के साथ आर्यिका संघ का स्वागत किया तथा मंगल प्रवेश कराया।
जैन समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन धार्मिक प्रवचन, स्वाध्याय, पूजा-अर्चना, तप, संयम और विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चार माह तक धर्म, संस्कार और आत्मकल्याण का संदेश जन-जन तक पहुंचेगा।
चातुर्मास की स्थापना को लेकर बुढ़ार नगर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। जैन समाज के सदस्य आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि आर्यिका संघ के चातुर्मास से क्षेत्र में धार्मिक वातावरण सुदृढ़ होगा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्म लाभ प्राप्त करेंगे।