यूसीसी को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की बैठक, जागरूकता अभियान की रणनीति पर मंथन
शहडोल। यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिन्द शहर शहडोल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुढ़ार रोड स्थित होटल पैराडाइज में काज़ी साहब के कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में यूसीसी के संभावित प्रभाव, मुस्लिम पर्सनल लॉ की अहमियत तथा आम लोगों को इसके संबंध में जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक जमीयत उलेमा-ए-हिन्द शहर शहडोल के सदर मोहम्मद जकरिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक की शुरुआत काज़ी हसन रहमानी की निगरानी में हुई, जबकि मुफ्ती अब्दुल्लाह ने प्रारंभिक संबोधन किया। बताया गया कि भोपाल में आयोजित प्रदेश स्तरीय मस्जिद तरजुमा सम्मेलन में निर्धारित किए गए एजेंडे को स्थानीय स्तर पर लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यूसीसी जैसे विषयों को लेकर समाज में सही और तथ्यपरक जानकारी पहुंचाना आवश्यक है। इसके लिए मस्जिदों, मोहल्लों और विभिन्न सामाजिक स्तरों पर संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर विचार किया गया। साथ ही लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने पर जोर दिया गया।
इस दौरान शहर के उलेमा, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और समाज के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैठक में हाजी अब्दुल फरीद, हाजी मोहम्मद सोहेब, मौलाना जियाउल्लाह, मौलाना आसिफ बरेलवी, हाफिज अब्दुल जलील बरेलवी, शाहिद खान, हाजी साबिर, हाजी इसरार, हाजी मोहम्मद यूसुफ, हाजी अब्दुल सत्तार, अमीद साहब सहित सिख समाज के प्रतिनिधि मनवीर सिंह, एडवोकेट फारूक अंसारी और अन्य लोग शामिल हुए।
वक्ताओं ने देश की गंगा-जमुनी तहजीब, धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण को लेकर सामाजिक स्तर पर जागरूकता और आपसी संवाद की आवश्यकता बताई। बैठक में तय किया गया कि यूसीसी से जुड़े विषयों को लेकर लोगों तक जानकारी पहुंचाने का अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा।
बैठक के समापन पर शहर सदर मोहम्मद जकरिया ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सामाजिक एकजुटता, संगठनात्मक मजबूती और जनजागरूकता के लिए मिलकर कार्य करने की अपील की।