कलेक्टर की संवेदनशीलता: ‘हाल-ए-हलचल’ में खबर छपते ही नीरा बाई पोट्टाम को जनदर्शन में मिली त्वरित राहत
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही |
जब जनसमस्याओं को उठाने वाले समाचार पत्र और संवेदनशील प्रशासन एक साथ आते हैं, तो अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचना तय हो जाता है। मरवाही जनपद के ग्राम मालाडांड (घिनौची) की 23 वर्षीय मूक-बधिर आदिवासी बेटी नीरा बाई पोट्टाम के वर्षों पुराने संघर्ष को जब समाचार पत्र ‘हाल-ए-हलचल’ ने पूरी संवेदनशीलता से उजागर किया। 
जिला कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने इस पर त्वरित और मानवीय संवेदनशीलता दिखाई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में नीरा बाई पोट्टाम को विशेष रूप से बुलाकर उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया:
तत्काल पेंशन स्वीकृति: कलेक्टर की संवेदनशीलता से मौके पर ही नीरा बाई पोट्टाम की दिव्यांग पेंशन स्वीकृत की गई।
प्रमाण पत्र नवीनीकरण के निर्देश: स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को नीरा बाई के दिव्यांगता प्रमाण पत्र का अतिशीघ्र नवीनीकरण कराने के सख्त निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को हिदायत: कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिव्यांगों, आदिवासियों और दूरस्थ अंचल के ग्रामीणों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता अपनाई जाए और किसी भी पात्र हितग्राही को भटकना न पड़े।
नीरा बाई पोट्टाम को पेंशन स्वीकृति का आदेश मिलने पर परिजनों ने जिला कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. की संवेदनशीलता का धन्यवाद किया और गरीब परिवार की आवाज को शासन तक पहुँचाने के लिए ‘हाल-ए-हलचल’ समाचार पत्र का विशेष आभार प्रकट किया।