खोंगसरा-भनवारटंक रेल सुरंग में घुसा तेंदुआ, रेलवे कर्मचारी ने देखा; ड्राइवर ने बनाया वीडियो, वायरल

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बिलासपुर। खोंगसरा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल अंतर्गत खोंगसरा-भनवारटंक रेलखंड की सुरंग में तेंदुआ दिखाई देने का मामला सामने आया है। तेंदुए का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में तेंदुआ रेलवे ट्रैक पर सुरंग के भीतर चलता हुआ दिखाई दे रहा है।

बताया जा रहा है कि रेलवे के एक कर्मचारी की नजर सुरंग के भीतर घूम रहे तेंदुए पर पड़ी, जिसके बाद इसकी जानकारी अन्य कर्मचारियों तक पहुंची। इसी दौरान रेल चालक द्वारा तेंदुए का वीडियो बनाया गया, जिसमें वह रेलवे ट्रैक के बीच से गुजरता हुआ नजर आ रहा है।

यह पूरा क्षेत्र घने जंगल और पहाड़ी इलाके से घिरा हुआ है तथा खोंगसरा से भनवारटंक के बीच का रेल मार्ग वन्यजीवों की आवाजाही के लिए भी जाना जाता है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में बाघ और तेंदुए जैसे वन्यजीव रेलवे लाइन के आसपास दिखाई देने की घटनाएं सामने आती रही हैं। वर्ष 2023 में भनवारटंक स्टेशन के पास एक बाघ के पहुंचने की घटना भी रिपोर्ट हुई थी।

कर्मचारियों में ड्यूटी को लेकर चिंता

तेंदुए के सुरंग में आने की घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें कई बार सुरंग और जंगल के बीच रेलवे ट्रैक पर ड्यूटी करनी पड़ती है, ऐसे में वन्यजीवों की मौजूदगी उनके लिए खतरा बन सकती है।

खोंगसरा-भनवारटंक क्षेत्र में पुरानी सुरंगें, घने जंगल, पहाड़ी ढलान और रेलवे ट्रैक का कठिन भूगोल होने के कारण यहां कर्मचारियों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। इस रेलखंड पर पहले भी दुर्घटनाओं और ट्रैक से जुड़ी समस्याओं के कारण यह क्षेत्र चर्चा में रहा है।

वन विभाग की निगरानी

जानकारी के अनुसार, वन विभाग द्वारा क्षेत्र पर निगरानी रखी जा रही है। तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए वन अमले की सक्रियता बढ़ाई गई है, ताकि वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और रेलवे कर्मचारियों एवं यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

स्थानीय स्तर पर यह चिंता भी सामने आ रही है कि जंगल के भीतर कई वन्यजीवों और मवेशियों के मृत पाए जाने की बातें सामने आई हैं। हालांकि इन मौतों के कारण और तेंदुए की मौजूदगी के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

वन्यजीवों के लिए संवेदनशील है इलाका

खोंगसरा-भनवारटंक क्षेत्र का रेल मार्ग घने वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। अतीत में इस रेलखंड पर वन्यजीवों के ट्रेन से टकराने की घटनाएं भी सामने आई हैं। वर्ष 2022 में खोंगसरा के आगे एक तेंदुए की ट्रेन से टकराने के बाद मौत की रिपोर्ट सामने आई थी।

ऐसे में तेंदुए का अब सुरंग के भीतर पहुंचना वन्यजीवों और रेलवे संचालन दोनों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर संकेत माना जा रहा है। जरूरत इस बात की है कि रेलवे और वन विभाग मिलकर संवेदनशील स्थानों की पहचान करें तथा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करें।

 

सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप शर्मा ने इस क्षेत्र को हिरण अभ्यारण्य बनाने की मांग छत्तीसगढ़ शासन से पहले ही किया था रेल संपर्क में आने से एक दर्जन से अधिक वन्यजीवों की मौत हो चुकी है ।

 

फिलहाल वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा तेंदुआ इसी क्षेत्र का है और घटना की परिस्थितियां क्या थीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों से होना बाकी है।

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