फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही और रिश्वत के आरोप पर दो पटवारी निलंबित

21 फार्मर आईडी बनाने वाले पटवारी को कारण बताओ नोटिस के बाद निलंबन, 20 हजार रुपए मांगने और 15 हजार रुपए लेने के आरोप में दूसरे पटवारी पर भी गिरी गाज
शहडोल। सोहागपुर तहसील में राजस्व कार्यों में लापरवाही और पटवारियों के खिलाफ सामने आई शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सोहागपुर ने अलग-अलग आदेश जारी कर दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनमें एक पटवारी पर फार्मर रजिस्ट्री कार्य में घोर लापरवाही का आरोप है, जबकि दूसरे पटवारी पर जमीन संबंधी काम और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगने और 15 हजार रुपए नकद लेने का आरोप लगाया गया है।
10 दिन में सिर्फ 21 फार्मर आईडी बनाई, जवाब भी नहीं दिया
पहले मामले में हल्का पटवारी दीपचंद सिंह, बिजौरी के खिलाफ फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही को लेकर कार्रवाई की गई है। एसडीएम कार्यालय के अनुसार जिले में फार्मर रजिस्ट्री कार्य को उच्च प्राथमिकता पर कराया जा रहा है। इसी क्रम में 24 अगस्त को तहसील कार्यालय सोहागपुर में पिछले 10 दिनों की रिपोर्ट निकाली गई थी।
रिपोर्ट में सामने आया कि दीपचंद सिंह ने इस अवधि में कुल 21 फार्मर आईडी बनाने का कार्य किया, जिसे प्रशासन ने अत्यंत कम माना। इस पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। नोटिस की तामील वाट्सऐप के माध्यम से कराई गई, लेकिन निर्धारित अवसर दिए जाने के बावजूद पटवारी की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
आदेश में कहा गया है कि फार्मर रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण कार्य में पटवारी की ओर से घोर लापरवाही एवं उदासीनता बरती गई। इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1966 के तहत दंडनीय कृत्य मानते हुए मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील सोहागपुर निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। आदेश में तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं कि निलंबित पटवारी के खिलाफ विभागीय आरोप पत्र तैयार कर कार्यालय में प्रस्तुत करें और उनका प्रभार दूसरे पटवारी को सौंपा जाए।
20 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप, 15 हजार लेने की शिकायत
दूसरी कार्रवाई पटवारी आशीष सोनकर के खिलाफ हुई है। आदेश के अनुसार आशीष सोनकर तत्कालीन पटवारी हल्का चापा और वर्तमान में पटवारी हल्का पतखई/बमुरा के रूप में पदस्थ थे।
आदेश में उल्लेख है कि जमीन संबंधी काम कराने और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के एवज में पटवारी ने 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की और 15 हजार रुपए नकद प्राप्त किए। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने कलेक्टर के समक्ष शिकायत की थी।
मामले में एसडीएम कार्यालय द्वारा 24 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। लेकिन पटवारी ने निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया। आदेश में कहा गया है कि जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने से शिकायत की पुष्टि होने की स्थिति बनती है तथा पटवारी के पदस्थ दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता परिलक्षित होती है।
इसके आधार पर एसडीएम सोहागपुर ने आशीष सोनकर को भी नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील सोहागपुर निर्धारित रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
निलंबन के साथ प्रभार भी बदला
आदेश में राजस्व निरीक्षक सोहागपुर को निर्देशित किया गया है कि आशीष सोनकर का समस्त प्रभार पटवारी नीलेश पाण्डेय, हल्का कठौतिया को सौंपकर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। वहीं संबंधित अधिकारियों को दोनों मामलों में आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।