शासकीय महाविद्यालयों की बदहाली पर अभाविप का प्रदेशव्यापी ‘विद्यार्थी हुंकार अभियान’ मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कटनी में सैकड़ों विद्यार्थियों ने निकाला मार्च
शासकीय महाविद्यालयों की बदहाली पर अभाविप का प्रदेशव्यापी ‘विद्यार्थी हुंकार अभियान’
मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कटनी में सैकड़ों विद्यार्थियों ने निकाला मार्च
कटनी।। शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा गुरुवार को प्रदेशव्यापी ‘विद्यार्थी हुंकार अभियान’ के तहत प्रदर्शन किया गया। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में अभाविप कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने प्रदर्शन कर जिला कलेक्टरों के माध्यम से उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी क्रम में कटनी जिले में भी सैकड़ों विद्यार्थियों ने मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
अभाविप का कहना है कि प्रदेश के अनेक शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थी आज भी स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त एवं स्वच्छ शौचालय, व्यवस्थित कक्षाएं, पर्याप्त फर्नीचर, बिजली एवं प्रकाश व्यवस्था, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं, छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाएं, इंटरनेट, पार्किंग, सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचार जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। संगठन ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए इन समस्याओं का तत्काल निराकरण आवश्यक है।
ज्ञापन के माध्यम से अभाविप ने मांग की कि प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का तत्काल सर्वे कराया जाए तथा कमियों को दूर करने के लिए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिन कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता है, उनके लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक बजट उपलब्ध कराया जाए।

महाविद्यालयों की अधोसंरचना पर उठाए सवाल
अभाविप के महाकोशल प्रांत मंत्री सुव्रत बाझल ने कहा कि मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित कई शासकीय महाविद्यालय मूलभूत सुविधाओं के अभाव और जर्जर अधोसंरचना से जूझ रहे हैं, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई महाविद्यालयों में बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त है अथवा अनुपस्थित है, जिसके कारण महाविद्यालय परिसर असामाजिक तत्वों के लिए असुरक्षित हो रहे हैं। उन्होंने भोपाल के एम.वी.एम. महाविद्यालय में अभाविप द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि अभियान के दौरान बड़ी संख्या में शराब की बोतलें मिली थीं। उन्होंने कहा कि कई महाविद्यालयों में विवेकानंद करियर गाइडेंस सेल प्रभावी रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं, कैंटीन बंद हैं तथा पुस्तकालयों में पर्याप्त पठन सामग्री का अभाव है। वहीं कई महाविद्यालयों की कंप्यूटर एवं विज्ञान प्रयोगशालाओं में आवश्यक संसाधन और उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सहायता केंद्रों के सक्रिय नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए घंटों परेशान होना पड़ता है। सरकार को अभाविप की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उनका शीघ्र निराकरण करना चाहिए, ताकि प्रदेश के विद्यार्थियों को सुदृढ़ शैक्षणिक एवं संस्थागत अधोसंरचना के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
कटनी के महाविद्यालयों में भी सुविधाओं का अभाव
अभाविप कटनी जिला संयोजक संजय कुशवाहा ने कहा कि कटनी जिले के शासकीय महाविद्यालय भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। कहीं पेयजल और शौचालय की समस्या है तो कहीं भवन संबंधी समस्याएं हैं। कई स्थानों पर प्राध्यापकों की कमी है, जबकि कहीं पर्याप्त पुस्तकों का अभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब महाविद्यालयों में जरूरी व्यवस्थाएं ही उपलब्ध नहीं होंगी तो विद्यार्थियों के भविष्य को कैसे संवारा जा सकेगा। अभाविप विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए तैयार है। संगठन ने विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से छात्रसंघ चुनाव शीघ्र एवं प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने की मांग भी की।
अभाविप ने कहा कि ‘विद्यार्थी हुंकार अभियान’ की शुरुआत इस प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के साथ हुई है। संगठन के अनुसार, आने वाले समय में विभिन्न रचनात्मक एवं आंदोलनात्मक माध्यमों से विद्यार्थियों की मांगों को उठाया जाता रहेगा और मांगों के पूर्ण होने तक अभियान जारी रहेगा।