हाईवे पर आधी रात का खेल, सुबह टूटी टंकी ने खोला राज…सफेद स्विफ्ट का पीछा करते-करते गोदाम तक पहुंची पुलिस, 225 लीटर डीजल के साथ पकड़ा गया ‘अंकू’
हाईवे पर आधी रात का खेल, सुबह टूटी टंकी ने खोला राज…सफेद स्विफ्ट का पीछा करते-करते गोदाम तक पहुंची पुलिस, 225 लीटर डीजल के साथ पकड़ा गया ‘अंकू’
कटनी। एनएच-30 पर रात के अंधेरे में दौड़ते ट्रकों के बीच एक सफेद स्विफ्ट डिजायर लगातार घूम रही थी। बाहर से देखने पर सब सामान्य था, लेकिन इसी कार की गतिविधियों ने पुलिस के सामने डीजल चोरी के एक ऐसे खेल का सुराग छोड़ दिया, जिसका पहला सिरा पिपरौंध के पास खड़े एक ट्रेलर से जुड़ा था।

रात बीती..हाईवे पर वाहनों की आवाजाही जारी रही और ट्रेलर चालक सुरेश कुमार खरोल बेखबर होकर ट्रक के केबिन में सोता रहा। लेकिन सुबह करीब पांच बजे जब उसकी नींद खुली तो नजारा बदल चुका था। ट्रक की डीजल टंकी का ढक्कन टूटा हुआ था और टंकी से बड़ी मात्रा में डीजल गायब था। सुरेश ने पुलिस को बताया कि रात में ट्रक के आसपास सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार घूमती दिखाई दी थी। कार का नंबर एमपी-21 से शुरू होने की जानकारी पुलिस के लिए इस मामले की पहली महत्वपूर्ण कड़ी बनी।
माधवनगर थाने में अपराध क्रमांक 868/2026 के तहत मामला दर्ज हुआ और इसके बाद शुरू हुई उस सफेद कार की तलाश, जिसने पुलिस को चोरी के डीजल के साथ एक ऐसे ठिकाने तक पहुंचा दिया, जहां कई सवालों के जवाब छिपे थे।
मुखबिर की सूचना ने बदली जांच की दिशा
घटना को गंभीरता से लेते हुए झिंझरी पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। साथ ही साइबर सेल की तकनीकी मदद से संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस की नजर स्विफ्ट डिजायर क्रमांक MP 21 CA 6181 पर जाकर टिक गई। वाहन को संदिग्ध आरोपी नीलेश उर्फ अंकू जैन, निवासी पिपरौंध के लखापतेरी स्थित गोदाम तक ट्रेस किया गया। इसके बाद पुलिस ने गोदाम की तलाशी ली तो वहां जो मिला, उसने जांच की दिशा ही बदल दी।
गोदाम में छिपा था हाईवे चोरी का माल
तलाशी के दौरान पुलिस ने 09 डिब्बों में लगभग 225 लीटर डीजल बरामद किया। इसके अलावा डीजल निकालने का पाइप, इंस्ट्रुमेंट, डीजल भरने और निकालने की दो बड़ी चुंगियां तथा घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई। यानी जिस चोरी की शुरुआत हाईवे पर ट्रक की टूटी डीजल टंकी से हुई थी, उसका कनेक्शन सीधे उस गोदाम तक पहुंच चुका था। पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपी नीलेश उर्फ अंकू जैन ने डीजल चोरी की घटना स्वीकार की। जांच में अन्य आरोपियों की संलिप्तता की जानकारी भी सामने आई है, जिनकी तलाश की जा रही है।
क्या हाईवे पर अकेला नहीं था ‘अंकू’
पुलिस जांच में आरोपी के पूर्व में भी डीजल चोरी की घटनाओं में शामिल होने की जानकारी सामने आने के बाद मामला अब सिर्फ एक वारदात तक सीमित नहीं माना जा रहा है। पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या एनएच-30 पर ट्रकों से डीजल चोरी करने वाला यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था, क्या पहले हुई डीजल चोरी की घटनाओं के पीछे भी यही गिरोह था। इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की पूछताछ में सामने आने की उम्मीद है।
एक टूटा ढक्कन, एक सफेद कार और 225 लीटर डीजल
इस पूरी कार्रवाई में सबसे दिलचस्प कड़ी वही सफेद स्विफ्ट डिजायर रही। ट्रक चालक की आंखों ने रात में जिस कार को संदिग्ध रूप से घूमते देखा था, तकनीकी जांच और पुलिस के मुखबिर तंत्र ने आखिरकार उसी कार को संदिग्ध के ठिकाने तक पहुंचा दिया। फिलहाल एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन कहानी यहीं खत्म होती नजर नहीं आ रही। 225 लीटर डीजल की बरामदगी के बाद अब पुलिस की नजर उन संभावित वारदातों पर है, जिनका राज पूछताछ के दौरान खुल सकता है। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी उनि राजेश कुमार दुबे, सउनि शशिभूषण सिंह, सउनि सतीश भगत, प्रधान आरक्षक पंकज त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक राजेश चौधरी, आरक्षक संजय यादव, आरक्षक सौरव कुमार, आरक्षक चन्द्रकमल पाण्डेय एवं साइबर सेल कटनी के आरक्षक अजय साकेत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।