फेज-1 का काम पूरा, फिर भी पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन का मुख्य द्वार बंद; त्योहारों में यात्रियों की बढ़ी परेशानी
गौरेला/पेंड्रारोड। पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन के प्रमुख द्वार को लंबे समय से बंद रखे जाने के कारण यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों को हो रही परेशानी को लेकर एक बार फिर आवाज उठाई गई है। निलेश साहू के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों एवं यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मुख्य द्वार तत्काल खोलने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रेलवे स्टेशन में निर्माण कार्य के चलते मुख्य द्वार को बंद किया गया था। फेज-1 का काम अब पूरा हो चुका है, जबकि आगे का फेज-2 का कार्य होना है। संबंधित ठेकेदार के अनुसार फेज-2 का काम दशहरा के बाद शुरू होने की बात कही जा रही है। ऐसे में नागरिकों का कहना है कि जब फेज-2 का काम तत्काल शुरू नहीं होना है, तो यात्रियों की सुविधा को देखते हुए मुख्य द्वार को खोल दिया जाना चाहिए।
पूर्व में भी 27 अगस्त 2026 को रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार को खोलने की मांग को लेकर रेलवे प्रशासन को आवेदन दिया गया था। आवेदन में कहा गया था कि मुख्य द्वार बंद होने के कारण बाहर से आने-जाने वाले यात्रियों को अनावश्यक रूप से लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। कई बार ट्रेन छूटने की स्थिति में यात्रियों को जल्दबाजी में रेलवे लाइन की ओर से जाने का जोखिम भी उठाना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के दौरान महिलाओं एवं परिवार के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए मुख्य द्वार खोलने की मांग की गई है।
निलेश साहू के नेतृत्व में शंकर सोनी, नीरज साहू, अमित सोनी, कृष्ण चौहान, सुमित श्रीवास, जितेंद्र साहू, बंटी, मुकेश चंद्रवंशी, असीम रक्षित, आयुष सोनी, शरद साहू, संदीप सोनी, धारा राठौर सहित अन्य साथियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि फेज-2 का काम शुरू होने तक मुख्य द्वार को यात्रियों के लिए खोला जाए।
नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य के चलते भविष्य में आवश्यकता पड़े तो परिस्थितियों के अनुसार द्वार को दोबारा बंद किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान में जब फेज-1 का काम पूरा हो चुका है और फेज-2 का कार्य दशहरा के बाद प्रस्तावित बताया जा रहा है, तब तक यात्रियों की सुविधा के लिए मुख्य द्वार खोलना जरूरी है।