PMGSY सड़क बनी हादसों का कारण, अधिकारी बंद एसी कमरों से फाइल में सब OK बता रहे हैं।मरवाही के खोखरा टोला-गुजरनाला मार्ग पर नियमों को ताक पर रख पल्ला झाड़ता रहा विभाग
मरवाही (जीपीएम)गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के मरवाही जनपद अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित खोखरा टोला से गुजरनाला मार्ग बदहाली के आंसू बहा रहा है। सड़क निर्माण के 5 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आवधिक नवीनीकरण और नियमित रखरखाव के अभाव में यह मार्ग दुर्घटनाओं का मुख्य केंद्र बन चुका है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में जलभराव के कारण सड़क और गड्ढों का फर्क ही समाप्त हो गया है।
अब कौन सी बाढ़ आपदा? बहाना बनाकर नहीं बच सकता विभाग
इससे पूर्व क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों पर PMGSY विभाग प्रायः ‘बाढ़ आपदा प्रबंधन’ का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ता रहा है। लेकिन सवाल यह उठता है कि खोखरा टोला-गुजरनाला मार्ग की इस दुर्दशा के लिए विभाग कब तक बहानों का सहारा लेगा? स्पष्ट है कि यह किसी बाढ़ या आपदा का नहीं, बल्कि विभागीय अकर्मण्यता और नियमित मेंटेनेंस न होने का परिणाम
उखड़ी गिट्टियों से मंडराया खतरा
मार्ग पर रोजाना कमर्शियल पिकअप और मालवाहक वाहनों की बेरोक-टोक आवाजाही जारी है। डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और सड़क पर बिखरी नुकीली गिट्टियों के कारण दोपहिया चालकों के फिसलकर हादसों का शिकार होने का खतरा हर पल बना रहता है।
PMGSY पोस्ट-5 ईयर नियमावली की उड़ रही धज्जियां
ग्रामीण विकास मंत्रालय की गाइडलाइन्स के तहत 5 वर्ष से पुराने मार्गों के लिए स्पष्ट नियम तय हैं, जिनका उल्लंघन किया जा रहा है
आवधिक नवीनीकरण 5 साल पूरे होने पर पूरी सड़क का पुनः डामरीकरण अनिवार्य है, जिसे नजरअंदाज किया गया।
7-15 दिन में मेंटेनेंस जोनल मेंटेनेंस के तहत 5 साल पुरानी सड़कों के गड्ढों को 15 दिनों में भरना अनिवार्य होता है।
स्टेट मेंटेनेंस फंड का दुरुपयोग स्वीकृत रखरखाव बजट का धरातल पर शून्य क्रियान्वयन वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है।
कड़ी कार्रवाई और तुरंत री-सरफेसिंग की मांग
क्षेत्रीय ग्रामीणों ने पल्ला झाड़ने वाले विभागीय रवैये पर कड़ा ऐतराज जताते हुए जिला प्रशासन से मांग की है कि नियमों की अनदेखी करने वाले PMGSY के जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाए और इस बदहाल मार्ग की तत्काल गुणवत्तापूर्ण री-सरफेसिंग कराई जाए।