70 फीट गहरे कुएं में गिरा तेंदुआ, रात 1 बजे बांधवगढ़ की टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन शिकार का पीछा करते समय हुआ हादसा, घंटों की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया; स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मुकुंदपुर किया गया शिफ्ट
70 फीट गहरे कुएं में गिरा तेंदुआ, रात 1 बजे बांधवगढ़ की टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
शिकार का पीछा करते समय हुआ हादसा, घंटों की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया; स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मुकुंदपुर किया गया शिफ्ट
कटनी।। बड़वारा वन परिक्षेत्र के कुआं गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब खेतों के पास स्थित करीब 70 फीट गहरे कुएं से ग्रामीणों को अजीब आवाजें सुनाई दीं। कुएं में झांककर देखने पर ग्रामीणों ने देखा कि एक तेंदुआ गहराई में फंसा हुआ है। तेंदुए को कुएं में देखकर ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का स्थानीय अमला सक्रिय हुआ। कुएं की अत्यधिक गहराई और रात का समय होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया गया।
बताया गया कि करीब सात वर्ष का यह तेंदुआ शिकार का पीछा करते समय हादसे का शिकार होकर कुएं में गिर गया। कुआं खेतों के समीप होने के कारण ग्रामीणों ने जब वहां से गुजरते समय तेंदुए की आवाज सुनी, तो उन्होंने इसकी जानकारी वन विभाग को दी। कुएं की करीब 70 फीट गहराई के कारण तेंदुए तक सीधे पहुंचना आसान नहीं था। इसके अलावा रात के अंधेरे में रेस्क्यू करने से जोखिम और बढ़ गया था। वन विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बांधवगढ़ की विशेषज्ञ टीम की मदद ली।
घने अंधेरे में शुरू हुआ चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम के मौके पर पहुंचने के बाद ऑपरेशन की तैयारियां शुरू की गईं। कुएं की गहराई, तेंदुए की स्थिति और रात के अंधेरे को देखते हुए टीम ने बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू की रणनीति तैयार की। टॉर्च की रोशनी और सुरक्षा के आवश्यक इंतजामों के बीच टीम ने तेंदुए को सुरक्षित तरीके से जाल में ट्रैप करने का प्रयास शुरू किया। रेस्क्यू के दौरान तेंदुए को किसी तरह की चोट न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा गया। कई घंटों की मशक्कत और सूझबूझ के बाद आखिरकार टीम को सफलता मिली। रात करीब 1 बजे तेंदुए को सुरक्षित जाल में ट्रैप कर कुएं से बाहर निकाल लिया गया। तेंदुए के बाहर आते ही वन विभाग और मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मुकुंदपुर भेजा गया
रेस्क्यू के बाद तेंदुए को तत्काल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ले जाया गया। वहां पशु चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में तेंदुआ सुरक्षित पाया गया और उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। वन विभाग के अनुसार तेंदुए की उम्र करीब 7 वर्ष है। रेस्क्यू के बाद उसकी स्थिति सुरक्षित बताई गई। बेहतर देखभाल और निगरानी के लिए तेंदुए को मुकुंदपुर शिफ्ट किया गया है।
वन विभाग की टीम की तत्परता से बची जान
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में रात का समय और कुएं की करीब 70 फीट गहराई सबसे बड़ी चुनौती रही। इसके बावजूद वन विभाग और बांधवगढ़ की विशेषज्ञ टीम ने समन्वय के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया और तेंदुए को बिना किसी बड़ी चोट के सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक दिलीप मराठा ने रेस्क्यू की पुष्टि करते हुए बताया कि 70 फीट गहरे कुएं में तेंदुए के गिरने की सूचना मिलते ही टीम को मौके के लिए रवाना किया गया था। रात करीब 1 बजे टीम ने पेशेवर तरीके से तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर देखभाल और निगरानी के लिए मुकुंदपुर भेजा गया है।
ग्रामीणों की सजगता भी रही अहम
इस घटना में ग्रामीणों की सतर्कता भी महत्वपूर्ण रही। कुएं से आवाज सुनने के बाद ग्रामीणों ने खुद तेंदुए को निकालने का जोखिम नहीं उठाया, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचना दी। समय पर सूचना मिलने और विशेषज्ञ टीम के पहुंचने से रेस्क्यू ऑपरेशन संभव हो सका। वन्यजीवों के खेतों और आबादी के आसपास आने-जाने के दौरान खुले एवं गहरे कुएं उनके लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में खुले कुओं की सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीवों की आवाजाही वाले इलाकों में सतर्कता बेहद जरूरी है।