नाम शेर पारधी, निशाना बाघों पर… लेकिन शहडोल में मिले ‘सवा शेर’ तो धरा गया कुख्यात शिकारी!
शहडोल। नाम शेर पारधी और काम बाघों का शिकार कर उनके अवयवों की तस्करी। लंबे समय से वन्यजीव अपराध के नेटवर्क में सक्रिय बताए जा रहे इस कुख्यात शिकारी को आखिरकार शहडोल में वन विभाग और मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया गया। मजेदार संयोग यह रहा कि जो खुद को जंगल का ‘शेर’ समझकर बाघों का शिकार करता रहा, उसे पकड़ने के लिए वन विभाग के ‘सवा शेर’ मैदान में उतर गए।
वन्यजीव मुख्यालय के निर्देश पर बाघों के शिकार और उनकी खाल, हड्डियों सहित अन्य अवयवों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी करने वाले संगठित गिरोह की जांच चल रही थी। इसी जांच में शेर पारधी निवासी कटनी की भूमिका सामने आई। आरोपी काफी समय से फरार था और वन विभाग की नजर से बचता फिर रहा था।
MPSTSF की क्षेत्रीय इकाई जबलपुर ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए शहडोल और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की। योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर 4 सितंबर 2026 को शहडोल से शेर पारधी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ सह आरोपी बिनौरी बाई को भी पकड़ा गया। आरोपियों के पास से छुरी, चाकू, कुल्हाड़ी और पक्षी पकड़ने का जाल बरामद किया गया।
जांच में सामने आया कि यह कोई छोटा-मोटा शिकारी गिरोह नहीं, बल्कि कई राज्यों तक फैला संगठित नेटवर्क है। गिरोह में होशियारपुर (पंजाब), सोनीपत (हरियाणा), बद्दी (हिमाचल प्रदेश) और कटनी (मध्यप्रदेश) से जुड़े लोग शामिल बताए गए हैं। गिरोह द्वारा महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में बाघों का शिकार कर उनके अवयवों को आगे तस्करों तक पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है।
मामले की कड़ी देश की सीमाओं से बाहर तक जुड़ती दिखाई दे रही है। जांच में बाघों के अवयव असम, मेघालय और मिजोरम से जुड़े तस्करों के जरिए म्यांमार के सरगना तक पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद चीन सहित अन्य देशों में अवैध वन्यजीव बाजार में इसकी खपत की आशंका है।
इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपी मध्यप्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम और मेघालय से गिरफ्तार किए जा चुके हैं। शेर पारधी को 5 सितंबर को विशेष न्यायालय जबलपुर में पेश किया गया, जहां से पांच दिन की फॉरेस्ट रिमांड मिली है। अब पूछताछ में इस अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की और परतें खुलने की उम्मीद है।