सड़क के लिए ‘सद्बुद्धि यज्ञ’, साथ दिखे भाजपा-कांग्रेस के नेता; सवाल—नगरपालिका से नाराजगी या सियासी ‘सेटिंग’?
शहडोल। बुढ़ार चौक यानी इंदिरा चौक से बस स्टैंड तक निर्माणाधीन सड़क पिछले करीब दो माह से अधूरी पड़ी है। सड़क निर्माण बंद होने से व्यापारी, राहगीर और स्थानीय नागरिक लगातार परेशानी झेल रहे हैं। इसी नाराजगी के बीच रविवार, 6 सितंबर को व्यापारियों और आम नागरिकों ने सड़क पर ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ कर जिम्मेदारों को जगाने का अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
यह सड़क वार्ड क्रमांक 22 और 23 के बीच से होकर बस स्टैंड की ओर जाती है। बीते दिनों यहां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बड़े स्तर पर की गई थी। कार्रवाई के बाद उम्मीद थी कि सड़क का निर्माण भी तेजी से पूरा होगा, लेकिन काम लंबे समय से बंद है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि जब अतिक्रमण हटाने में तेजी दिखाई गई, तो निर्माण कार्य पूरा कराने में इतनी देरी क्यों हो रही है?
प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें भाजपा और कांग्रेस से जुड़े स्थानीय चेहरे भी एक साथ नजर आए। भाजपा के तीन बार पार्षद रहे और नेता प्रतिपक्ष शक्ति लक्षकार, भाजपा के वार्ड पार्षद संजीव प्रताप सिंह के साथ कांग्रेस से जुड़े अनुपम गौतम की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा को जन्म दे दिया है।
नगरपालिका की राजनीति में अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल और उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा ‘डोली’ की भूमिका भी इस पूरे मामले में चर्चा का विषय है। शहर की स्थानीय राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच जिस तरह के मधुर संबंध दिखाई देते हैं, उन्हें देखते हुए यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सड़क की समस्या ने दोनों दलों के नेताओं को एक मंच पर ला दिया है, या फिर मामला वास्तव में इतना गंभीर है कि राजनीतिक मतभेद पीछे छोड़कर व्यापारियों के साथ खड़ा होना जरूरी हो गया?
हालांकि प्रदर्शन में शामिल लोगों का स्पष्ट कहना है कि उनका उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि अधूरी सड़क का निर्माण जल्द शुरू करवाना है। यज्ञ के माध्यम से जिम्मेदार अधिकारियों को सद्बुद्धि देने की कामना की गई और निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग उठाई गई।
व्यापारियों और नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो नगरपालिका की तालाबंदी जैसे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है। अब देखना यह है कि सद्बुद्धि यज्ञ के बाद नगरपालिका जागती है या सड़क का मुद्दा स्थानीय राजनीति का नया केंद्र बनता है।