सीएमओ आवास का ताला तोड़कर जबरन कब्जे का आरोप, थाने पहुंचा मामला
सीएमओ ने पुलिस से की एफआईआर की मांग, करीब डेढ़ लाख रुपये नकद समेत सामान गायब करने का आरोप
(शुभम तिवारी)शहडोल। नगर पालिका परिषद शहडोल के सीएमओ आवास में ताला तोड़कर कथित रूप से जबरन प्रवेश और कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। नगरपालिका की मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशा जितेंद्र भंडारी ने कोतवाली थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में उन्होंने पूर्व सीएमओ निशांत सिंह ठाकुर सहित अन्य लोगों पर सीएमओ आवास का ताला तोड़कर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और वहां रखे सामान पर कब्जा करने का आरोप लगाया है।
सीएमओ की ओर से दिए गए पत्र के मुताबिक वह 2 जून 2026 को स्वास्थ्य खराब होने के कारण चिकित्सकीय अवकाश पर चली गई थीं। इसके बाद 26 जून को वापस मुख्यालय शहडोल पहुंचीं। शिकायत में बताया गया है कि उनके अवलोकन एवं आदेशार्थ कुछ फाइलें हस्ताक्षर के लिए आवास पर आई थीं, जिन्हें उन्होंने 27 जून को विधिवत प्राप्त कर कार्यालय अधीक्षक को वापस कर दिया था। इसके पश्चात वह पुनः उपचार के लिए गुजरात चली गई थीं।
शिकायत के अनुसार 1 सितंबर को जब उन्हें जानकारी मिली कि उनके सीएमओ आवास का ताला तोड़कर जबरन प्रवेश कर कब्जा कर लिया गया है, तब उन्होंने मौके की स्थिति की जानकारी ली। आरोप है कि उनके निवास से करीब डेढ़ लाख रुपये नकद, घरेलू आवश्यक दस्तावेज, कपड़े, किराना सामान, पूजा सामग्री सहित अन्य सामान रखा हुआ था, जिस पर आरोपियों ने कथित रूप से अनधिकृत कब्जा कर लिया।
रात्रिकालीन ड्यूटी में मौजूद कर्मचारियों पर भी उठे सवाल
सीएमओ ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि वह एक आदिवासी महिला अधिकारी हैं और स्वास्थ्य खराब होने के कारण चिकित्सकीय अवकाश पर थीं। शिकायत के मुताबिक सीएमओ आवास पर रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान हीरालाल रजक और मुन्नालाल कुशवाहा मौजूद थे। इसके बावजूद कथित तौर पर आवास का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किए जाने का आरोप लगाया गया है।
मामला केवल आवास का ताला टूटने तक सीमित नहीं है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो सरकारी आवास की सुरक्षा व्यवस्था, वहां तैनात कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। आखिर सरकारी अधिकारी के आवास में किसके आदेश पर ताला तोड़ा गया? किसने अंदर प्रवेश किया? वहां रखे सामान की सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी थी? और यदि आवास में किसी अधिकारी का निजी सामान मौजूद था तो उसे किस अधिकार से हटाया या अपने कब्जे में लिया गया?
प्राथमिकी दर्ज कर जांच की मांग
मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने पुलिस से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। शिकायत की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास, आयुक्त शहडोल संभाग, कलेक्टर शहडोल, पुलिस अधीक्षक शहडोल, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन तथा परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण को भी भेजी गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस सीएमओ आवास में अधिकारी स्वास्थ्य कारणों से अनुपस्थित थीं, वहां ताला तोड़कर प्रवेश करने की नौबत क्यों आई और किसके संरक्षण में यह सब हुआ? पुलिस जांच में यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा सकती है। फिलहाल शिकायत ने नगरपालिका की अंदरूनी कार्यप्रणाली और अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।