BIG BREKING मृत भालू के नाखून काटकर ले जाने वाले दो आरोपी वन विभाग की कार्रवाई में पकड़े गए डॉग स्क्वॉड की मदद से हुई पतासाजी, चार नाखून बरामद, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, 4 सितंबर 2026/ वन्यजीवों के संरक्षण एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वन विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में वन परिक्षेत्र मरवाही अंतर्गत मरवाही वृत्त के उसाढ़ परिसर स्थित कक्ष क्रमांक 2035 में मृत मिले भालू के नाखून काटकर ले जाने के मामले में वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से भालू के चार नाखून बरामद किए गए हैं। वन विभाग को 3 सितम्बर को कक्ष क्रमांक 2035 में भालू के मृत होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मृत भालू के पिछले दाएं पंजे के चार नाखून गायब थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग द्वारा तत्काल सर्च एवं पतासाजी अभियान प्रारंभ किया गया। इस दौरान डॉग स्क्वॉड टीम की सहायता से क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने दो आरोपियों सुदर्शन यादव उम्र 54 वर्ष निवासी ग्राम बरौर तथा सूरज साहिस उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम बरौर को पकड़ा। दोनों आरोपियों के कब्जे से मृत भालू के चार नाखून बरामद किए गए, जिन्हें विधिवत जप्त कर लिया गया है। आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
वन विभाग द्वारा सर्च एवं आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत मृत भालू का पशु चिकित्सकों की टीम की उपस्थिति में विधिवत पोस्टमार्टम कराया गया। पशु चिकित्सकों द्वारा प्रथम दृष्टया भालू की मृत्यु का कारण तीव्र फेफड़ों का संक्रमण बताया गया है। पोस्टमार्टम एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद मृत भालू का विधिवत दाह संस्कार किया गया। दाह संस्कार के दौरान वनमंडलाधिकारी मरवाही श्री कुमार निशांत सहित पशु चिकित्सकों की टीम एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के मृत पाए जाने पर उसके शव, अंग अथवा अन्य अवशेषों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें। वन्यजीव से संबंधित ऐसी कोई भी घटना सामने आने पर तत्काल निकटतम वन विभाग कार्यालय को सूचना दें, ताकि वन्यजीव संरक्षण की दिशा में समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।