रेत स्टॉक में भारी गड़बड़ी पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, विस्टा सेल्स पर 21.79 करोड़ की शास्ति सेंड पोर्टल और मौके के स्टॉक में 1.16 लाख घनमीटर से अधिक का अंतर, वैध परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका फर्म संचालक
रेत स्टॉक में भारी गड़बड़ी पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, विस्टा सेल्स पर 21.79 करोड़ की शास्ति
सेंड पोर्टल और मौके के स्टॉक में 1.16 लाख घनमीटर से अधिक का अंतर, वैध परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका फर्म संचालक
कटनी। खनिज रेत के भंडारण और परिवहन में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर आशीष तिवारी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मेसर्स विस्टा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड पर 21 करोड़ 79 लाख 77 हजार 525 रुपये की शास्ति अधिरोपित की है। यह कार्रवाई सेंड पोर्टल पर दर्ज रेत के स्टॉक और मौके पर भौतिक सत्यापन के दौरान मिले स्टॉक के बीच भारी अंतर पाए जाने के बाद की गई।
प्रकरण के अनुसार, 1 अक्टूबर 2023 को तहसील बड़वारा के ग्राम गुड़ाकला स्थित खसरा क्रमांक 137 एवं 200, रकबा 1.65 हेक्टेयर में संचालित मेसर्स विस्टा सेल्स के खनिज व्यापारी अनुज्ञप्ति स्थल का खनिज निरीक्षक द्वारा निरीक्षण किया गया था। भौतिक सत्यापन के दौरान मौके पर करीब 1,990 घनमीटर रेत ही पाई गई, जबकि 30 सितंबर 2023 की रात तक सेंड पोर्टल पर 1,18,244.68 घनमीटर रेत का स्टॉक दर्ज था।
इस प्रकार पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक में 1,16,254.68 घनमीटर का अंतर पाया गया।
स्टॉक अंतर का नहीं दे सके संतोषजनक दस्तावेज
मामले की सुनवाई कलेक्टर न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान विस्टा सेल्स की ओर से निरीक्षण एवं मापन प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि निरीक्षण के दौरान किसी वाहन की जब्ती नहीं की गई और न ही किसी विशिष्ट अवैध परिवहन का प्रत्यक्ष साक्ष्य सामने आया। इस पर कलेक्टर न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि निरीक्षण से पूर्व रेत का परिवहन किया जा चुका हो, तो मौके पर वाहन की जब्ती होना आवश्यक नहीं है। वहीं, सेंड पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और भौतिक सत्यापन में मिले स्टॉक के बीच इतने बड़े अंतर के संबंध में फर्म की ओर से कोई विश्वसनीय एवं विधिसम्मत दस्तावेजी स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
15 गुना रॉयल्टी के आधार पर 21.79 करोड़ की शास्ति
उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर कलेक्टर आशीष तिवारी ने 1,16,254.68 घनमीटर रेत के स्टॉक अंतर को आधार मानते हुए प्रति घनमीटर 125 रुपये की रॉयल्टी के हिसाब से कुल 1 करोड़ 45 लाख 31 हजार 835 रुपये की रॉयल्टी निर्धारित की।
मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के नियम 19 के तहत बिना अभिवहन पास खनिज के परिवहन पर रॉयल्टी की 15 गुना अर्थशास्ति का प्रावधान है। इसी प्रावधान के तहत निर्धारित रॉयल्टी की 15 गुना राशि यानी 21 करोड़ 79 लाख 77 हजार 525 रुपये की शास्ति विस्टा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड पर अधिरोपित की गई है। कलेक्टर ने फर्म को अधिरोपित शास्ति की राशि जमा करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से खनिज के अवैध भंडारण एवं परिवहन के मामलों में सख्त कार्रवाई का स्पष्ट संदेश गया है।