डिजिटल पहल से जनसेवा की नई मिसाल: व्हाट्सएप ग्रुप बना समाधान का जरिया, सिद्धार्थ दुबे और मुकेश दुबे की अनोखी पहल की हर तरफ चर्चा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही:
जिले में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और पारदर्शी कार्यशैली को लेकर एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिल रही है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ दुबे और नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे द्वारा शुरू किए गए ‘सिद्धार्थ दुबे जन समस्या निवारण ग्रुप’ के जरिए आम जनता की समस्याओं को न केवल सीधे सुना जा रहा है, बल्कि चंद मिनटों में प्रशासनिक स्तर पर उनका निराकरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों का ऐसा सीधा और जवाबदेह रुख क्षेत्र में पहली बार देखा जा रहा है, जिसकी स्थानीय नागरिक मुक्तकंठ से सराहना कर रहे हैं।
व्हाट्सएप पर शिकायत और सीधा समाधान
इस विशेष व्हाट्सएप ग्रुप में आम लोग अपने-अपने वार्डों और मोहल्लों की समस्याएं—जैसे खराब स्ट्रीट लाइट, टूटी नालियां, सीसी रोड निर्माण, जल भराव और लीकेज आदि की तस्वीरें एवं वीडियो सीधे साझा कर रहे हैं।
सीधे मौके पर निगरानी: ग्रुप में शिकायत आते ही भाजयुमो जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ दुबे तुरंत संबंधित वार्ड पार्षदों और अधिकारियों से समन्वय कर रहे हैं।
अध्यक्ष का त्वरित एक्शन: नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे खुद ग्रुप में सक्रिय रहकर नागरिकों को व्यक्तिगत रूप से जवाब दे रहे हैं। कहीं पाइपलाइन की मरम्मत हो, लाइट लगाने की बात हो या नाली सफाई—तुरंत संबंधित अमले को निर्देशित किया जा रहा है।
गुणवत्ता पर सख्त रुख: हाल ही में नाली निर्माण में लापरवाही की शिकायत पर पालिका अध्यक्ष ने ग्रुप में ही स्पष्ट निर्देश जारी किए कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और कमी पाए जाने पर भुगतान रोक दिया जाएगा।
जनता में उत्साह, पहली बार देखा ऐसा जनप्रतिनिधित्व
ग्रुप से जुड़े नागरिकों का कहना है कि पूर्व में समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे और कई महीनों तक फाइलें अटकी रहती थीं। अब घर बैठे केवल एक संदेश के जरिए समस्या सीधे जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों तक पहुंच रही है और उस पर त्वरित कार्रवाई भी हो रही है।
लोगों का कहना है कि इससे पहले जिले में किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस स्तर पर तकनीक का उपयोग कर ऐसी पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था नहीं बनाई थी।