आज भी सड़क के लिए तरस रहा भटगवा सुनहरा, बरसात में कीचड़ और गड्ढों से बढ़ती ग्रामीणों की मुश्किलें स्कूली बच्चों से लेकर बीमार और बुजुर्ग तक परेशान, PMGSY के तहत सड़क स्वीकृति की मांग लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंची ग्राम पंचायत टेढ़ी की सरपंच
आज भी सड़क के लिए तरस रहा भटगवा सुनहरा, बरसात में कीचड़ और गड्ढों से बढ़ती ग्रामीणों की मुश्किलें
स्कूली बच्चों से लेकर बीमार और बुजुर्ग तक परेशान, PMGSY के तहत सड़क स्वीकृति की मांग लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंची ग्राम पंचायत टेढ़ी की सरपंच

कटनी।। जिले में जहां गांव-गांव तक सड़क, नाली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं ग्राम पंचायत टेढ़ी का भटगवा सुनहरा गांव आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए इंतजार कर रहा है। गांव को मुख्य मार्ग से समुचित सड़क संपर्क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा मुश्किल बरसात के दिनों में बढ़ जाती है, जब रास्ता कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो जाता है।
ग्रामीणों की इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत टेढ़ी की सरपंच श्रीमती रेवती रामभक्त सिंह ने 21 सितंबर 2026 को कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन सौंपकर ग्राम शाहपुर-भटगवा सुनहरा से बड़ागांव रोड तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रदान किए जाने की मांग की है।

बारिश में रास्ता बन जाता है मुसीबत
आवेदन में बताया गया है कि भटगवा सुनहरा मुख्य मार्ग से ठीक तरह से जुड़ा नहीं है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को सामान्य आवागमन में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। कच्चा रास्ता कीचड़ और गड्ढों से भर जाने के कारण आवागमन बाधित हो जाता है।
ऐसे हालात में स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को सबसे अधिक परेशानी होती है। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चिंता उस समय खड़ी होती है, जब किसी मरीज को तत्काल अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की जरूरत पड़ती है। खराब रास्ते के कारण समय पर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचना चुनौती बन जाता है।
आपात स्थिति में भी सड़क का अभाव बड़ी चिंता
ग्रामीण क्षेत्र में सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम है। भटगवा सुनहरा में सड़क संपर्क की समस्या के चलते विद्यार्थियों की आवाजाही से लेकर बीमारों को अस्पताल पहुंचाने तक ग्रामीणों को कठिनाई उठानी पड़ रही है।
बरसात के मौसम में रास्ते की स्थिति खराब होने से दोपहिया और अन्य वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल हो जाती है। ऐसे में ग्रामीणों को कई बार अतिरिक्त दूरी तय कर मुख्य मार्ग तक पहुंचने की मजबूरी का सामना करना पड़ता है।
कलेक्टर से निरीक्षण और जल्द स्वीकृति की मांग
ग्राम पंचायत की ओर से कलेक्टर को दिए आवेदन में मार्ग का स्थलीय निरीक्षण करवाने और जनहित को देखते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण को जल्द स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया गया है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। सवाल यह है कि जिस सड़क की जरूरत ग्रामीण वर्षों से महसूस कर रहे हैं, उस तक विकास की सड़क आखिर कब पहुंचेगी। भटगवा सुनहरा के ग्रामीणों के लिए यह केवल सड़क निर्माण का मामला नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित आवागमन से जुड़ा बुनियादी अधिकार है।