पितृपक्ष में 27 सितंबर से होगी श्रीमद्भागवत कथा, सात दिवसीय आयोजन में पितरों की शांति के लिए होंगे विशेष अनुष्ठान
पितृपक्ष में 27 सितंबर से होगी श्रीमद्भागवत कथा, सात दिवसीय आयोजन में पितरों की शांति के लिए होंगे विशेष अनुष्ठान
कटनी। पितृपक्ष के पावन अवसर पर सर्व समाज के पितरों की तृप्ति एवं शांति के उद्देश्य से चाणक्य ब्राह्मण महासभा परिवार, कटनी द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का सात दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। कथा का आयोजन 27 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक शिव परशुराम मंदिर, अस्पताल रोड, SBI बैंक के सामने किया जाएगा।
आयोजन के तहत 27 सितंबर को शाम 4 बजे दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर से कथा स्थल तक कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद विधि-विधान से कलश एवं पितृ स्थापना के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ होगा।
कथा का वाचन कथा वाचक डॉ. पं. बालेंदु मिश्रा जी द्वारा किया जाएगा। प्रतिदिन प्रातः 8:30 से 11:30 बजे तक मूल पाठ एवं पूजन तथा दोपहर 3 बजे से हरि इच्छा तक कथा का आयोजन होगा।
सात दिनों में ये होंगे कथा के प्रमुख प्रसंग
आयोजन के अनुसार 27 सितंबर को कलश यात्रा, देव स्थापना, पितृ स्थापना एवं कथा शुभारंभ होगा।
28 सितंबर को सृष्टि रचना एवं ध्रुव चरित्र,
29 सितंबर को भगवान के अवतारों का वर्णन एवं प्रह्लाद चरित्र,
30 सितंबर को अजामिल चरित्र, वामन अवतार एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव,
1 अक्टूबर को बाल लीलाओं का वर्णन, 56 भोग एवं गोवर्धन पूजा,
2 अक्टूबर को कृष्ण-रुक्मिणी मंगल तथा
3 अक्टूबर को सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, तर्पण, देव विसर्जन एवं पितृ विसर्जन के साथ कथा का विश्राम होगा।
4 अक्टूबर को विशाल भंडारा
आयोजन के समापन के अगले दिन 4 अक्टूबर, रविवार को मातृ नवमी के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। भंडारा सुबह 10 बजे से हवन के साथ प्रारंभ होकर दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर पर परिवार सहित कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने तथा अपने पितरों की शांति एवं तृप्ति के लिए आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी बनने का आग्रह किया है। आयोजन में पितरों की भागवत सुनाने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए पंजीयन की व्यवस्था भी की गई है।