श्रद्धालुओं की आस्था, प्रशासन की जिम्मेदारी 12 कृत्रिम कुंडों पर तीन पालियों में 132 अधिकारी-कर्मचारी संभालेंगे मोर्चा, प्रतिबंधित घाटों पर रहेगी निगरानी
श्रद्धालुओं की आस्था, प्रशासन की जिम्मेदारी
12 कृत्रिम कुंडों पर तीन पालियों में 132 अधिकारी-कर्मचारी संभालेंगे मोर्चा, प्रतिबंधित घाटों पर रहेगी निगरानी
कटनी। अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर नगर निगम प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं की आस्था के इस पर्व को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए निगमायुक्त तपस्या परिहार ने 132 अधिकारी-कर्मचारियों की तीन पालियों में ड्यूटी निर्धारित कर उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। निगम प्रशासन का फोकस विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन के साथ पर्यावरण संरक्षण पर रहेगा।
12 कृत्रिम कुंडों पर संभालेंगे व्यवस्था
नगर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 12 कृत्रिम विसर्जन कुंड एवं निर्धारित स्थल चिन्हित किए गए हैं। इनमें गाटरघाट, मोहनघाट, मसुरहा घाट, माई नदी घाट, छपरवाह घाट, बिलगवां घाट, सिमरार नदी रपटा, पीरबाबा निवार, बजरंग कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर तालाब सहित गायत्री नगर में एमएस पब्लिक स्कूल के सामने निर्मित कृत्रिम कुंड शामिल हैं।
प्रत्येक स्थल पर प्रभारी अधिकारी और सहयोगी कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।
सुबह से देर रात तक तीन पालियों में निगरानी
विसर्जन पर्व के दौरान व्यवस्थाओं को लगातार बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी तीन पालियों में लगाई गई है। पहली पाली सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक, दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक और तीसरी पाली रात 9 बजे से विसर्जन कार्य समाप्त होने तक रहेगी।
इस दौरान घाटों पर स्वच्छता, भीड़ एवं श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं के साथ प्रतिमा विसर्जन में आवश्यक समन्वय की जिम्मेदारी संबंधित अमले की रहेगी।
बाबा घाट की जगह एमएस स्कूल के सामने होगा विसर्जन
गायत्री नगर में विसर्जन स्थल में भी बदलाव किया गया है। बाबा घाट, हनुमान मंदिर के समीप बनाए गए कुंड के स्थान पर अब चंद्रशेखर आजाद गार्डन के पहले एमएस पब्लिक स्कूल के सामने बनाए गए कृत्रिम कुंड में प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
निगम प्रशासन ने श्रद्धालुओं और गणेश उत्सव समितियों से निर्धारित स्थल पर ही प्रतिमाओं का विसर्जन करने की अपील की है।
कटाएघाट और अमीरगंज तालाब में विसर्जन पर रोक
निगमायुक्त के आदेश के अनुसार कटाएघाट और अमीरगंज तालाब में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा। इन दोनों स्थानों पर भी तीन पालियों में घाट प्रभारी एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित कराया जा सके और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
प्रसाद वितरण में प्लास्टिक से दूरी की अपील
निगम प्रशासन ने गणेश उत्सव समितियों से भंडारे और प्रसाद वितरण के दौरान अमानक प्लास्टिक सामग्री का उपयोग नहीं करने की अपील की है। इसके स्थान पर कागज अथवा पत्तों से बने दोना-पत्तल इस्तेमाल करने का आग्रह किया गया है।
निगम प्रशासन के अनुसार विसर्जन पर्व केवल धार्मिक आस्था का अवसर नहीं, बल्कि शहर की स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर है। श्रद्धालुओं और आयोजन समितियों के सहयोग से विसर्जन स्थलों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
जिम्मेदारी तय, अब पालन की चुनौती
निगम प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। तीन पालियों में बड़ी संख्या में अमले की तैनाती के साथ निगम ने व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी स्पष्ट कर दी है। अब इन व्यवस्थाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन ही विसर्जन पर्व को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।