गौरेला वन परिक्षेत्र में वन अपराधियों पर शिकंजा, पांच माह में 72 प्रकरण दर्ज
रेत परिवहन से लेकर सागौन और साल लकड़ी तस्करी तक कार्रवाई, 35 से अधिक मामलों की लकड़ी मड़ना डिपो में सुरक्षित
गौरेला। मरवाही वनमंडल के गौरेला वन परिक्षेत्र में वन अपराधों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। 26 अप्रैल से 11 सितंबर 2026 के बीच लगभग पांच माह की अवधि में वन विभाग ने कुल 72 वन अपराध प्रकरण दर्ज किए हैं। विभाग के अनुसार इन मामलों में अवैध रेत परिवहन के साथ सागौन, साल, खैर, आम, सेमल, नीलगिरी एवं मिश्रित प्रजाति की लकड़ी से जुड़े मामले शामिल हैं।
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार दर्ज 72 प्रकरणों में करीब 67-68 मामलों में आरोपी ज्ञात हैं, जबकि 4-5 प्रकरण अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज कर विवेचना में लिए गए हैं।
सागौन तस्करी के 28 मामले
दर्ज प्रकरणों में अवैध रेत परिवहन के 15, सागौन तस्करी के 28, साल लकड़ी के 12 तथा खैर, आम, सेमल एवं मिश्रित जलाऊ लकड़ी के 17 मामले शामिल हैं। रेत परिवहन से जुड़े मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों को जब्त कर रेत को सुरक्षित डिपो भेजा गया है।
सागौन तस्करी के मामलों में बड़ी मात्रा में बल्ली, लट्टे एवं चिरान जब्त किए गए हैं। कोरजा, खम्हलीकला और पीपरखूंटी क्षेत्र से सागौन से जुड़े कई प्रकरण सामने आए हैं। वहीं साल लकड़ी के मामलों में भी लट्टे एवं चिरान जब्त किए गए हैं।
वन विभाग के अनुसार एक प्रकरण में 3.448 घनमीटर आम एवं सेमल लकड़ी जब्त की गई, जो इन 72 प्रकरणों में सबसे अधिक मात्रा की जब्ती बताई गई है।
35 से अधिक प्रकरणों की लकड़ी डिपो में सुरक्षित
विभागीय जानकारी के मुताबिक 35 से अधिक प्रकरणों से संबंधित लकड़ी मड़ना डिपो में सुरक्षित रखी गई है। वहीं कई प्रकरणों में जांच एवं वैधानिक कार्रवाई विभिन्न स्तरों पर जारी है। कुछ छोटे मामलों में नियमानुसार मुआवजा वसूलकर कार्रवाई की गई है।
विभागीय अमले पर अभद्रता का आरोप
डीएफओ कुमार निशांत ने कहा कि वन अपराधों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और लंबे समय से सक्रिय वन अपराधियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से जुड़े कुछ लोगों द्वारा विभागीय अमले पर लेनदेन के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिन्हें विभाग ने निराधार बताया है।
डीएफओ के अनुसार हाल ही में शासकीय कार्य में बाधा डालने तथा रेंजर एवं वन अमले से अभद्रता करने की शिकायत सामने आई है। विभाग का दावा है कि इस दौरान जब्त किया गया एक ट्रैक्टर भी छुड़ाकर ले जाया गया, जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई है।
— कुमार निशांत, डीएफओ, मरवाही वन मंडल