नई कटनी जंक्शन के डिपार्चर यार्ड में जगमगाईं आधुनिक पोर्टल लाइटें, रात्रिकालीन रेल परिचालन होगा अधिक सुरक्षित
नई कटनी जंक्शन के डिपार्चर यार्ड में जगमगाईं आधुनिक पोर्टल लाइटें, रात्रिकालीन रेल परिचालन होगा अधिक सुरक्षित
कटनी। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल ने नई कटनी जंक्शन (NKJ) के डिपार्चर यार्ड में पोर्टल लाइटिंग कार्य (PH-42) को निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया है। आधुनिक प्रकाश व्यवस्था शुरू होने से अब यार्ड में रात्रिकालीन रेल परिचालन, शंटिंग और अन्य परिचालन गतिविधियों में बेहतर दृश्यता के साथ कर्मचारियों की कार्यक्षमता और सुरक्षा में सुधार होगा। डिपार्चर यार्ड में पहले रात्रि के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण कर्मचारियों को परिचालन संबंधी कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए 11 पोर्टल बूम स्ट्रक्चर पर 160 वाट क्षमता की कुल 130 आधुनिक फ्लड लाइटें स्थापित की गई हैं। इससे पूरे डिपार्चर यार्ड में रात के समय पर्याप्त एवं समान रूप से प्रकाश उपलब्ध रहेगा।
शंटिंग और ट्रेनों की आवाजाही में मिलेगी बेहतर दृश्यता
नई प्रकाश व्यवस्था से रात्रि के दौरान ट्रेनों की आवाजाही, शंटिंग तथा यार्ड में होने वाले अन्य कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। पर्याप्त रोशनी से ट्रैकमैन, पॉइंट्समैन और यार्ड स्टाफ को अपने कार्यों को सुरक्षित एवं सुगमता से संपादित करने में मदद मिलेगी।
रेल प्रशासन के अनुसार, बेहतर प्रकाश व्यवस्था से कम रोशनी के कारण उत्पन्न होने वाली कार्य संबंधी जोखिमों को कम करने में सहायता मिलेगी। साथ ही कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध होगा और यार्ड संचालन की कार्यदक्षता में भी वृद्धि होगी।
निर्धारित समय से पहले पूरा हुआ कार्य
यह कार्य जबलपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री कमल कुमार तलरेजा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्य को निर्धारित समय से पहले पूरा कराने में वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता श्री वीरेंद्र कुमावत का प्रभावी समन्वय रहा। इस परियोजना में मंडल विद्युत अभियंता श्री जे.एस. पाल, वरिष्ठ अनुभाग अभियंता श्री अजवीर सिंह तथा उनकी तकनीकी टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। नई कटनी जंक्शन के डिपार्चर यार्ड में आधुनिक पोर्टल लाइटिंग की सुविधा शुरू होने से रात्रिकालीन परिचालन के दौरान दृश्यता बेहतर होगी तथा यार्ड में कार्यरत कर्मचारियों के लिए अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक कार्य वातावरण उपलब्ध होगा। रेलवे की इस पहल से यार्ड संचालन को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।