पीठ पर जुल्म के निशान, हाथ जोड़ती रही मासूम @ डॉक्टर दंपति पर बच्ची को बंधक बनाकर रखने और मारपीट के गंभीर आरोप
घर से भागी तो खुला कथित प्रताड़ना का राज, मोहल्ले वालों ने पुलिस बुलाकर बचाई जान
शहडोल। समाज जिसे ‘धरती का भगवान’ कहता है, उसी पेशे से जुड़े एक डॉक्टर के परिवार पर एक मासूम बच्ची को कथित रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोपों ने शहर को झकझोर दिया है। आशीर्वाद कॉलोनी में बुधवार शाम उस समय हंगामा मच गया, जब 7-8 साल की बच्ची को कथित रूप से वापस ले जाने का प्रयास किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर लोगों से खुद को बचाने की गुहार लगाती रही। मोहल्ले वालों ने हस्तक्षेप कर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।
घर से भागी मासूम, तब सामने आया कथित जुल्म
बताया गया कि बच्ची करीब पांच-छह माह पहले उत्तर प्रदेश के बांदा से यहां लाई गई थी। आरोप है कि उससे घर में झाड़ू-पोछा सहित अन्य काम कराए जाते थे और डॉक्टर दंपति के बच्चे की देखभाल भी कराई जाती थी। बच्ची के अनुसार उसे अक्सर घर से बाहर निकलने नहीं दिया जाता था।
बुधवार को मौका पाकर बच्ची घर से भाग निकली और मदद के लिए कई दरवाजे खटखटाए। आखिरकार वह एक मकान में जाकर छिप गई। इसी दौरान उसे तलाशते हुए डॉक्टर की पत्नी वहां पहुंची और कथित रूप से बच्ची को वापस ले जाने का प्रयास किया।
पीठ दिखाई तो सिहर उठा मोहल्ला
मोहल्ले के लोगों के अनुसार, बच्ची ने रोते हुए अपनी पीठ पर चोटों के निशान दिखाए और आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की जाती थी। बच्ची ने गर्म चिमटे जैसी वस्तु से मारने की बात भी बताई। यदि मेडिकल जांच में चोटों की पुष्टि होती है तो मामला बेहद गंभीर हो सकता है।
घटना के दौरान बच्ची हाथ जोड़कर लोगों से मदद मांगती रही। लोगों ने उसे वापस ले जाने से रोकते हुए पुलिस को बुलाया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
‘उस दिन नहीं भागती तो क्या होता?’
मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी छोटी बच्ची को बांदा से शहडोल किन परिस्थितियों में लाया गया? उसे किस हैसियत से घर में रखा गया? क्या परिजनों की अनुमति थी? और यदि बच्ची घर से भागकर मोहल्ले तक नहीं पहुंचती तो कथित प्रताड़ना कब तक जारी रहती?
पुलिस जांच में खुलेंगे राज
कोतवाली पुलिस ने बच्ची को संरक्षण में लेकर मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है। परिजनों से संपर्क किया जा रहा है तथा बाल संरक्षण अधिकारियों को सूचना दी गई है। पुलिस के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना है
“बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। उसके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। बाल संरक्षण अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।”
रावेन्द्र तिवारी, कोतवाली प्रभारी, शहडोल