यातायात व्यवस्था को जाम से मुक्ति दिलाने ट्रांसपोर्ट नगर तत्काल शुरू हो 40 साल पुरानी योजना पर अब और इंतजार क्यों, शहर के भीतर से बाहर शिफ्ट हों ट्रांसपोर्ट कारोबार, दुर्घटनाओं और जाम पर लगे लगाम
यातायात व्यवस्था को जाम से मुक्ति दिलाने ट्रांसपोर्ट नगर तत्काल शुरू हो
40 साल पुरानी योजना पर अब और इंतजार क्यों, शहर के भीतर से बाहर शिफ्ट हों ट्रांसपोर्ट कारोबार, दुर्घटनाओं और जाम पर लगे लगाम
कटनी। शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था, आए दिन लगने वाले जाम और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका के बीच ट्रांसपोर्ट नगर को तत्काल प्रभाव से शुरू करने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। नगर निगम कटनी के वरिष्ठ पार्षद एवं अधिवक्ता मिथलेश जैन ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों का कारोबार शहर के अंदर से ट्रांसपोर्ट नगर में स्थानांतरित कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब ट्रांसपोर्ट नगर के लिए योजना तैयार हो चुकी है, विकास कार्य कराए जा चुके हैं और व्यवसायियों को भूखंड तक आवंटित किए जा चुके हैं, तो फिर शहर की सड़कों पर ट्रांसपोर्ट गतिविधियों का दबाव आखिर कब तक बना रहेगा?
40 वर्ष पुरानी योजना, फिर भी शहर की सड़कों पर ट्रांसपोर्ट का दबाव!
पार्षद मिथलेश जैन ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि ट्रांसपोर्ट नगर की योजना लगभग 40 वर्ष पूर्व तैयार की गई थी। इसके अंतर्गत विकास कार्य कराए गए तथा ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इसके अलावा अन्य भूखंडों की नीलामी के लिए भी विभिन्न कार्यवाहियां की जा चुकी हैं। इसके बावजूद यदि ट्रांसपोर्ट से जुड़ी गतिविधियां शहर के अंदर ही संचालित होती रहें, तो ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने का मूल उद्देश्य अधूरा ही रहेगा।
अब आवश्यकता केवल योजना और भूखंड आवंटन तक सीमित रहने की नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट नगर को पूरी तरह क्रियाशील बनाने की है। संबंधित विभाग को इस दिशा में ठोस निर्णय लेकर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को वास्तविक राहत मिल सके।
शहर की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव, आम नागरिकों की परेशानी का सवाल
कटनी जैसे व्यस्त शहर में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ी गतिविधियों के कारण मालवाहक वाहनों की आवाजाही, लोडिंग-अनलोडिंग तथा सड़क किनारे वाहनों के रुकने की स्थिति यातायात को प्रभावित कर सकती है। इससे प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या बढ़ने, दोपहिया और चारपहिया वाहनों के आवागमन में बाधा आने तथा दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ने की आशंका रहती है।
इसका सीधा असर आम नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में शहर के भीतर ट्रांसपोर्ट संबंधी गतिविधियों को व्यवस्थित करना केवल व्यापारिक सुविधा का विषय नहीं, बल्कि जनसुविधा, सड़क सुरक्षा और बेहतर शहरी प्रबंधन का भी महत्वपूर्ण मुद्दा है।
ट्रांसपोर्ट नगर में ही संचालित हों ट्रांसपोर्ट संबंधी गतिविधियां
श्री मिथलेश जैन ने मांग की है कि सभी ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों का कार्य ट्रांसपोर्ट नगर में स्थानांतरित कराने के लिए आवश्यक आदेश जारी किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा है कि विभिन्न अन्य ट्रांसपोर्ट एवं परचून ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को भी नियमानुसार भूखंड उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जानी चाहिए, ताकि सभी संबंधित कारोबारियों को एक व्यवस्थित स्थान मिल सके। यदि ट्रांसपोर्ट नगर को आवश्यक सुविधाओं के साथ पूरी तरह संचालित किया जाता है और शहर के अंदर अनियंत्रित ट्रांसपोर्ट गतिविधियों पर नियमानुसार रोक लगाई जाती है, तो इससे यातायात प्रबंधन में सुधार, सड़कों पर अनावश्यक दबाव में कमी और व्यापारिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
अब निर्णय का समय, केवल आश्वासन से नहीं चलेगा काम
ट्रांसपोर्ट नगर की योजना पर लंबे समय से काम होने के बावजूद उसका उद्देश्य पूरी तरह हासिल करने के लिए प्रशासनिक इच्छाशक्ति और प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। नगर निगम प्रशासन को चाहिए कि वह ट्रांसपोर्ट नगर की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करे, आवंटित भूखंडों के उपयोग की स्थिति स्पष्ट करे, शेष भूखंडों के आवंटन एवं नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाए और ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को वहां स्थानांतरित करने की समयसीमा निर्धारित करे। साथ ही, स्थानांतरण की प्रक्रिया व्यावहारिक, पारदर्शी और नियमानुसार होनी चाहिए, ताकि कारोबारियों को आवश्यक सुविधाएं मिलें और शहर की यातायात व्यवस्था में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
शहर की जनता को जाम से राहत और सुरक्षित यातायात का अधिकार है। ट्रांसपोर्ट नगर को तत्काल प्रभाव से क्रियाशील बनाने की दिशा में अब ठोस कदम उठाना जरूरी है। लगभग चार दशक पुरानी योजना को केवल कागजों और आवंटन तक सीमित रखने के बजाय उसका लाभ कटनी की जनता को मिलना चाहिए। नगर निगम प्रशासन को इस मांग पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए, ताकि शहर के भीतर ट्रांसपोर्ट गतिविधियों का दबाव कम हो और कटनी की यातायात व्यवस्था अधिक सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बन सके।