ब्रह्माकुमारीज दिव्य प्रकाश भवन बुढ़ार में सजी चैतन्य देवियों की मनमोहक झांकी, गरबा आयोजन में उमड़े भक्त नवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य से कराया परिचित, राजयोग मेडिटेशन से मन की शांति का दिया संदेश
अखण्ड प्रताप सिंह की रिपोर्ट
बुढ़ार। ब्रह्माकुमारीज दिव्य प्रकाश भवन बुढ़ार में नवरात्रि के पावन अवसर पर चैतन्य देवियों की मनमोहक झांकी सजाई गई। इसके साथ ही गरबा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शामिल होने और देवियों के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। आकर्षक झांकी और भक्तिमय वातावरण ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शाम को देवियों की आरती के साथ हुआ। बुढ़ार नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी सरावगी ने देवियों की आरती कर झांकी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे इस सुंदर एवं सजीव झांकी के दर्शन अवश्य करें और इसके आध्यात्मिक संदेश का अनुभव प्राप्त करें।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज एक ऐसा स्थान है, जहां राजयोग मेडिटेशन और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से मन की उलझनों को दूर करने, गहरी शांति प्राप्त करने तथा जीवन में खुशियों का अनुभव करने का अवसर मिलता है।

बीके रीता दीदी ने बताया नवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य
सेवा केंद्र प्रभारी बीके रीता दीदी ने नवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य के भीतर व्याप्त अज्ञान रूपी अंधकार के कारण जीवन में दुःख, अशांति और तनाव बढ़ते जा रहे हैं। देवियों को शिवशक्ति, असुर संहारिणी और जगत जननी के रूप में स्मरण किया जाता है। आध्यात्मिक मान्यता के अनुसार, देवियों ने शिव से शक्ति प्राप्त कर असुरों का संहार किया।
उन्होंने कहा कि आज मनुष्य आत्माएं भी काम, क्रोध, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, घृणा, व्यसन, फैशन के प्रति अत्यधिक आकर्षण तथा भय जैसे आसुरी अवगुणों के प्रभाव में आ जाती हैं। इन अवगुणों पर विजय प्राप्त करना ही सच्चे अर्थों में स्वयं के भीतर परिवर्तन लाना है।

बीके रीता दीदी ने बताया कि राजयोग मेडिटेशन के नियमित अभ्यास और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से आत्मा की ज्योति को जागृत किया जा सकता है। जब मन को परमपिता परमात्मा शिव से जोड़ा जाता है, तब आत्मबल और सकारात्मक शक्तियों का अनुभव होता है। इसी आध्यात्मिक शक्ति से मनुष्य अपने भीतर छिपे महिषासुर अर्थात नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त कर सकता है।
बीके प्रवीण ने कराई राजयोग मेडिटेशन की अनुभूति
कार्यक्रम में राजयोग शिक्षक बीके प्रवीण ने उपस्थित श्रद्धालुओं को राजयोग मेडिटेशन की अनुभूति कराई। उन्होंने सभी को राजयोग के महत्व से परिचित कराते हुए कहा कि नियमित अभ्यास से मन को शांत, एकाग्र और सकारात्मक बनाने में सहायता मिलती है। उन्होंने सभी भाई-बहनों से सात दिवसीय निःशुल्क राजयोग मेडिटेशन शिविर में भाग लेकर इसका लाभ लेने की अपील की।
आध्यात्मिक वातावरण में हुआ गरबा आयोजन

चैतन्य देवियों की झांकी के दर्शन और आरती के पश्चात गरबा आयोजन ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का संचार किया। श्रद्धालुओं ने भक्तिमय वातावरण में भाग लेकर नवरात्रि की खुशियां साझा कीं। झांकी के माध्यम से देवी शक्ति के आध्यात्मिक स्वरूप और आत्मिक जागृति का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में बीके जोई, बीके अर्चना, बीके हरप्रसाद दुबे सहित अन्य ईश्वरीय सेवाधारियों ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
इस आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ-साथ आत्मिक शक्ति, सकारात्मक जीवन और राजयोग मेडिटेशन द्वारा मन की शांति का संदेश दिया गया।