102 मीटर की चुनरी लेकर निकली भव्य शोभायात्रा, आस्था की इस यात्रा में राजनीतिक हलचल भी तेज देवहरा से अमलाई दुर्गा मंदिर तक निकली चुनरी यात्रा, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच हुआ समापन
अखण्ड प्रताप सिंह
अनूपपुर/बरगवां। शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर नगर परिषद बरगवां-अमलाई क्षेत्र में भक्ति और आस्था का अनूठा नजारा देखने को मिला। पंचमी के अवसर पर नगर परिषद उपाध्यक्ष के तत्वावधान में उनके गृह ग्राम देवहरा से 102 मीटर लंबी चुनरी यात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और आतिशबाजी के बीच निकली इस शोभायात्रा में धार्मिक उत्साह देखने को मिला। यात्रा का समापन नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 6 स्थित अमलाई दुर्गा मंदिर में हुआ, जहां चुनरी अर्पित कर माता रानी के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई।
देवहरा से शुरू हुई चुनरी यात्रा, अमलाई दुर्गा मंदिर में समापन

नवरात्र के अवसर पर आयोजित इस चुनरी यात्रा में 102 मीटर लंबी चुनरी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। देवहरा से शुरू हुई यात्रा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 6 स्थित अमलाई दुर्गा मंदिर पहुंची।
इस दौरान ढोल-नगाड़ों और वाद्ययंत्रों की धुन पर भक्तिमय माहौल बना रहा। आतिशबाजी के बीच निकली शोभायात्रा ने पूरे आयोजन को आकर्षक स्वरूप दिया। धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन में माता रानी के जयकारे गूंजते रहे।
इस चुनरी यात्रा राजनीतिक गलियारों की हलचल के सवालों का भी उपाध्यक्ष्य ने दिया जवाब
चुनरी यात्रा के बीच इस आयोजन को लेकर एक राजनीतिक सवाल भी सामने आया। आगामी चुनावों को देखते हुए क्या इस तरह की भव्य शोभायात्रा को राजनीतिक गतिविधि या चुनावी स्टंट के रूप में देखा जाना चाहिए? जब नगर परिषद उपाध्यक्ष से इस संबंध में सवाल किया गया, तो इसके जवाब में नगर परिषद उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह राजनीतिक स्टंट नहीं, बल्कि धार्मिक यात्रा है। उनके मुताबिक, आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था और माता रानी के प्रति श्रद्धा से जुड़ा है
आस्था के साथ राजनीतिक सवाल भी चर्चा में
नवरात्र के दौरान धार्मिक यात्राएं और माता की चुनरी अर्पित करने जैसे आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं। वहीं, सार्वजनिक जीवन से जुड़े जनप्रतिनिधियों की ओर से आयोजित भव्य कार्यक्रमों को लेकर राजनीतिक सवाल उठना भी स्वाभाविक है। ऐसे में देवहरा से अमलाई दुर्गा मंदिर तक निकली 102 मीटर लंबी चुनरी यात्रा ने जहां धार्मिक माहौल बनाया, वहीं आगामी चुनावों के संदर्भ में इसके उद्देश्य को लेकर सवाल भी चर्चा का विषय बने। हालांकि, उपाध्यक्ष ने इसे पूरी तरह धार्मिक यात्रा बताया है।